पुलिस बलविंदर और सुक्खा के बारे में इसी तस्करी के संबंध में जांच कर रही है। कुछ दिन पहले जलालाबाद पुलिस ने फिरोजपुर की सीमांत वकीला वाली बस्ती निवासी दिलमोहनदीप सिंह समेत तीन तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और यह बात भी कही थी कि ये लोग जलालाबाद से सटी सरहद से हेरोइन व असलहा की तस्करी करते हैं। हाल में पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के माध्यम से तरनतारन, अमृतसर व गुरदासपुर क्षेत्र में हैंड ग्रेनेड फेंके जा चुके हैं। पंजाब में लगभग एक माह के भीतर विस्फोट की यह दूसरी घटना है। इससे पूर्व आठ अगस्त को अमृतसर जिले के अजनाला में तेल टैंकर में धमाका हुआ था।
उधर, आईजी फिरोजपुर जतिंदर सिंह औलख समेत कई अधिकारियों ने भी मौके का दौरा किया। फाजिल्का के एसएसपी दीपक हिलोरी का कहना है कि अभी इस संबंध में कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी। सुरक्षा एजेंसियां मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां मृतक बलविंदर के गांव में सक्रिय हो गई हैं। पुलिस इस पहलू पर भी तहकीकात कर रही है कि कहीं पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई उक्त तस्करों के माध्यम से आतंकी गतिविधियां तो नहीं करवा रही है। वहीं, एनआईए के अलावा सीआईडी और आर्मी इंटेलिजेंस भी इनपुट जुटाने में लगी हैं।
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बलविंदर की कॉल डिटेल की जांच शुरू
सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोट वाली जगह से बलविंदर के मिले मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी है। बलविंदर ने किन-किन लोगों से बातचीत की है, उन लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। व्हाट्सएप के माध्यम से हुई बातचीत की भी डिटेल निकाली जा रही है। पुलिस सुक्खा की तलाश में जुटी है।
विस्फोट के बाद से सुक्खा वारदात स्थल से ही फरार है। सुक्खा के फरार होने से यह आशंका जाहिर हो रही है कि यह विस्फोट कोई विस्फोटक सामग्री से ही हुआ है। सुक्खा का वहां से भागना ही टिफिन बम होने की आशंका पैदा करता है। सुरक्षा एजेंसियां इस ब्लास्ट को टिफिन बम से जोड़कर भी देख रही हैं। मोहाली से आई फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से कई सबूत जुटाए हैं।