मनीष की कॉल उसके फोन पर डायवर्ट है। इसके बाद उन्होंने रोहतक जाकर मनीष के कमरे पर पता किया तो पता चला कि वह दो दिन से लापता है। आईटीआई के स्टाफ ने भी बताया कि मनीष छह जनवरी शाम तीन बजे आईटीआई से निकल गया था। उन्होंने आठ जनवरी को उसकी गुमशुदगी की शिकायत कंसाला पुलिस चौकी में दी। जिस महिला के उनके पास फोन आए थे उसका बेटा आईटीआई का छात्र है। छह जनवरी को मनीष फोन करने वाली महिला के पास गया था। उसके बाद से वह लापता हो गया था।
फोन कॉल से आरोपी तक पहुंची पुलिस
कंसाला पुलिस थाने के जांच अधिकारी एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि मनीष के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। मनीष के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो उसकी सफीदों क्षेत्र के एक गांव निवासी व उसकी मां से बात हुई मिली। इसके बाद शक के आधार पर आरोपी और उसकी मां को हिरासत में लिया गया।
आरोपी के घर पर मनीष की पैंट और जूते मिलने से शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने युवक और उसकी मां से पूछताछ की तो सारी बातें साफ हो गईं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब वह पांच जनवरी को दुकान से घर पहुंचा तो मनीष को अपने घर में देखा। मनीष उसको देखकर भाग गया।
इसके बाद उसने रात करीब 11 बजे मनीष को ढूंढ लिया और गांव से बाहर पकड़कर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में शव को बुटाना नहर में उरलाना के पास फेंक दिया। पुलिस ने मृतक के भाई राजेंद्र की शिकायत पर युवक और अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।