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10 दिन बाद खेत में जला मिला युवक का शव, अवैध संबंधों के चलते हत्या की आशंका 

Mon, 14 Jan 2019 09:53 PM IST
gaurav gaurav क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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फर्रुखाबाद जिले के एक गांव में दस दिनों से लापता चल रहे युवक का सोमवार सुबह खेत में जला हुआ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। युवक के शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह से जला हुआ था। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल की जांच पड़ताल करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का अनुमान है कि हत्या से पूर्व तंबाकू श्रमिक को मारने वालों ने तड़पाया होगा।

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गुलवाजनगर निवासी श्रमिक सुखराम (42) चार जनवरी को बेटी से चाय बनाने की बात कहकर घर से चले गए थे। काफी देर तक वापस न आने पर खोजबीन की गई। अगले दिन छोटे भाई सुरेश ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। सोमवार को सुखराम का पुत्र आशीष व रिश्ते के चाचा सुल्तान सिंह, गांव के एक अन्य युवक के साथ गांव नरैनामऊ के पास आम के एक बाग में लकड़ियां तोड़ रहे थे। तभी हेतराम के गन्ने के खेेत में कुछ लोग खड़े दिखाई दिए। आशीष व सुल्तान सिंह गन्ने के खेत में पहुंचे तो वहां सुखराम का शव पड़ा दिखाई दिया। अन्य परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए।

 

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परिजनों का कहना है कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। न किसी से लेनदेन है। आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। आखिर हत्या क्यों की गई। उसके शरीर पर पूरे कपड़े हैं, लेकिन कपड़े जले नहीं थे, जिससे साफ जाहिर है कि उसको निर्वस्त्र कर जला कर तड़पाया गया। दस दिन तक जीवित हालत में कैसे रोका गया, जिससे लगता है कि नशे के इंजेक्शन या गोलियां देकर रखा गया था। चर्चा रही कि ऐसी दर्दनाक हत्या के पीछे अधिकांश अवैध संबंधों का मामला ही होता है। 

उसके पांच पुत्र विपिन, रतन, आशीष, गोविंद, शोभित हैं जबकि दो पुत्रियां प्रियंका व अंजली हैं। प्रियंका की शादी हो चुकी है। विपिन दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। कुछ वर्ष पहले पत्नी चंदावती की मौत हो चुकी है।  सूचना पर एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ राजबीर सिंह व इंस्पेक्टर राधेश्याम, कस्बा चौकी प्रभारी बलराज भाटी, एसआई मुनेंद्र सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। सुखराम के पैंट की चैन खुली थी। एक जूता पैर में व दूसरा पास ही पड़ा था। कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह जला हुआ था। उसके कपड़े नहीं जले थे, जिससे अनुमान लगाया गया कि श्रमिक को तड़पा तड़पा कर मारा गया है बाद में कपड़े पहना कर शव गन्ने के खेत में डाला गया है। वहां एक शराब की पुरानी बोतल पड़ी थी।

सुखराम की हत्या कर शव फेंका गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। श्रमिक सुखराम की हत्या के मामले में घटनास्थल नरैनामऊ के गन्ने के खेत में लोगों की भीड़ लगी रही। डॉग आस्कर व फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पड़े मृतक के अंगौछे व मोजे से डॉग आस्कर को सुगंध दिलाई गई। वह उत्तर दिशा की ओर भागता हुआ एक स्कूल तक पहुंचा। वहां एक कार के पहिये के निशान बने हुए थे। वहां चक्कर लगाता रहा। उसके बाद वह भ्रमित हो गया। हैंडलर विपिन व जैवेंद्र ने वहां की मिट्टी का नमूना लिया और मृतक के मोजे में लिपटी हुई मिट्टी का भी नमूना लिया। अनुमान है कि शव को कार से लाकर गन्ने के खेत में फेंका गया। 
 
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