उसने बताया कि गुरुवार को भाई जुग्गी ब्रेजा गाड़ी में सवार होकर किसी काम से गया हुआ था। दोपहर साढ़े तीन बजे जब वह लौट रहा था तो घर से महज 200 मीटर दूर गली में गोली चलने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर जब वह गली के बाहर आया तो उसने देखा कि अनिल उर्फ सोनू व रमन निवासी विकास नगर अपने साथियों के साथ जुग्गी पर गोलियां दाग रहे थे। इसके बाद जुग्गी बचाव में गाड़ी से नीचे उतर कर रामलीला ग्राउंड की ओर भागा तो आरोपी भी उसके पीछे भागे और स्थानीय निवासी सनेजा के मकान के पास उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी और हवा में हथियार लहराते हुए स्कूटी पर सवार होकर फरार हो गए। इसके बाद वे घायल को पीजीआई ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहली गोली चलते ही कार में बैठा भतीजा उतर कर भागा
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात में सामने आया कि दोपहर 3 बजकर 42 मिनट पर उक्त कार गली में खड़ी थी। चालक सीट पर जोगिंद्र का भतीजा संदीप और साथ वाली सीट पर वह बैठा था। इसी दौरान स्कूटी पर सवार होकर तीनों आरोपी आए। जिन्होंने कार के सामने वाले शीशे पर गोली चलाई। गोली चलते ही चालक सीट पर बैठा भतीजा संदीप बचकर भाग निकला लेकिन जोगिंद्र फंस गया। जोगिंद्र कार से निकल कर भागा लेकिन दो बार नीचे गिर गया। इस दौरान पीछा कर रहे आरोपियों ने उसे पर गोलियां चला दीं।
जोगिंद्र उर्फ जुग्गी रोहतक के टीटू सुनार की हत्या के केस में दोषी ठहराया गया था। वह उम्रकैद की सजा काट रहा है। पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गुरुवार को जोगिंद्र की हत्या मृतक टीटू सुनार के दो बेटों ने पिता की हत्या के रंजिश के चलते की है। सीसीटीवी में तीन आरोपी कैद हुए हैं। उक्त दोनों नामजद आरोपियों पर हत्या के प्रयास के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की आर्य नगर थाना पुलिस, सीआईए वन, टू व थ्री यानि कुल चार टीमें उक्त मामले की जांच में जुटी है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।- गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।