यहां तारपीन छिड़ककर कार को आग लगा दी। शातिरों ने हत्या की वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए बाकायदा जलती कार का वीडियो बनाकर खुद ही वायरल कर दिया। अपना ब्रेसलेट निकालकर राजू की कलाई में डाला, ताकि पुलिस समझे कि आकाश की हादसे में जलकर मौत हो गई। इसके बाद पीछे से आ रही भतीजे की गाड़ी में सवार होकर दोनों पंजाब लौट गए।
दूसरे दिन परिवार के लोगों ने मृतक की शिनाख्त आकाश के रूप में भी कर दी। परिजन पुलिस से डेथ सर्टिफिकेट मांगने लगे। एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि तीन दिसंबर को आकाश के भतीजे रवि कुमार निवासी बलटाना (जीरकपुर) की गिरफ्तारी के बाद दुर्घटना में दर्ज मामले को रद्द कर हत्या का मामला दर्ज किया गया। बुधवार सुबह आकाश को पलवल (हरियाणा) से ट्रेन में सफर करते धर दबोचा। इससे पहले वह बिहार भागने में सफल हो गया था। एएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगभग 50 लाख रुपये का बीमा आकाश के नाम होने का पता चला है। बीमा राशि करोड़ों में भी हो सकती है।
19 नवंबर की रात नाहन के पास जुड्डा का जोहड़ में चलती कार में आग लग गई थी। इस हादसे में चालक सीट पर एक व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो गई। गाड़ी पंजाब के खरड़ के नरेंद्र कुमार के नाम से पंजीकृत है। हादसे के मृतक की पहचान पंजाब के जीरकपुर के समीपवर्ती डेराबस्सी निवासी आकाश कुमार (42) के रूप में की गई।
ऐसे पकड़ में आए शातिर
आकाश के परिवार वाले डेथ सर्टिफिकेट लेने की जल्दी में थे। बार-बार डेथ सर्टिफिकेट मांग रहे थे। इससे पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने आकाश और रवि की कॉल डिटेल और जली गाड़ी की सीसीटीवी फुटेज निकाली। इससे सारी कहानी सामने आ गई। इसके अतिरिक्त जिस मजदूर की हत्या की गई, उसके परिवार वालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसी सिलसिले में पुलिस छानबीन करते नाहन पहुंची थी। इससे भी शक की सूई चाचा-भतीजे की ओर घूमी।