गुरदासपुर के गांव घुमाण में सीमांत गांवों के आंखों के आपरेशन कैंप ने प्रशासन और सेहत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रोगियों की जांच कर रहे ईएनटी अस्पताल अमृतसर के एसोसिएट प्रोफेसर डा. कर्मजीत सिंह ने बताया कि बहुत से रोगियों की आंखों की रोशनी वापस आने की उम्मीद नहीं के बराबर है। आपरेशन के बाद रोगियों की आंखों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश, देखरेख और दवाओं का ध्यान नहीं रखा गया, इसलिए संक्रमण हुआ और रोशनी चली गई।
अमृतसर के डीसी रवि भगत ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए सरकार को लिख दिया है। वहीं सिविल सर्जन डॉ राजीव भल्ला ने कहा कि एनजीओ ने जिला प्रशासन और सेहत विभाग की बिना किसी स्वीकृति के आपरेशन गैरकानूनी ढंग से कर दिए। यह अपराध है।
उनके विभाग की ओर से जिला प्रशासन को सिफारिश की गई है कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। दूसरी ओर मेडिकल एजुकेशन मंत्री अनिल जोशी भी सरकारी ईएनटी अस्पताल में दाखिल पीडि़तों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी रोगियों का इलाज निशुल्क होगा और सरकार मामले की जांच कराएगी।