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फैक्टरी में डकैती, 35 लाख की चांदी ले गए लुटेरे

Fri, 23 Jan 2015 08:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर/रादौर
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हथियारबंद 16 नकाबपोश बदमाशों ने एपकोलाइट पोलिस्ट प्राइवेट लिमिटेड केमिकल फैक्टरी में डकैती कर करीब 35 लाख रुपये की कैटलिस्ट (चांदी) लूट ली। वारदात हरियाणा के यमुनानगर/रादौर में वीरवार तड़के करीब दो बजे हुआ। बदमाशों ने फैक्टरी के सभी दस कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया।
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इस दौरान बदमाशों ने कर्मचारियों के हाथ बांध दिए और डंडों से पिटाई भी की जिसमें करीब चार कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाशों ने कर्मचारियों की जेबों से करीब 30 रुपये की नकदी और पांच चांदी की मूर्तियां भी लूट लीं।

केमिकल फैक्टरी के मालिक ज्योति पाहवा निवासी प्रीतमपुरा दिल्ली ने बताया कि वीरवार तड़के लगभग 16 नकाबपोश हथियारों से होकर फैक्टरी की पिछली दीवार से अंदर घुसे। उन्होंने फैक्टरी में काम कर रहे सभी दस कर्मचारियों को हथियारों के बल पर एक कमरे में बंद कर दिया।
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नकाबपोशों ने फैक्टरी के कर्मचारी ईश्वर, प्रेम शर्मा, राजेंद्र वालिया रादौर, राम आसरे, लखन के साथ मारपीट की और रस्सियों से उनके हाथ पीछे बांध दिए। इसके बाद सभी कर्मचारियों की जेबों से लगभग 30 हजार रुपये छीन लिए। नकाबपोशों ने फैक्टरी के कार्यालय का ताला तोड़कर कार्यालय के मंदिर से भगवान की पांच चांदी की मूर्तियां और डीवीडी प्लेयर निकाल लिया।

उसके बाद नकाबपोश फैक्टरी की मशीनों के ऊपर चढ़ गए और मशीनों से लगभग 90 किलो कैटलिस्ट निकाल लिया। कैटलिस्ट की कीमत लगभग 40 हजार रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। नकाबपोश फैक्टरी के छोटे दरवाजे का ताला तोड़कर फरार हो गए।

ज्योति पाहवा ने बताया कि वीरवार सुबह चार बजे फैक्टरी का मैनेजर सुदेश शर्मा फैक्टरी में आया तो उसने देखा कि फैक्टरी के कर्मचारियों को एक कमरे में बंद किया गया है। उसने मामले की सूचना पुलिस और उन्हें फोन से दी।

यूपी की भाषा बोल रहे थे नकाबपोश

मैनेजर सुदेश शर्मा ने बताया कि फैक्टरी के अंदर एक कैमरा लगा हुआ था, जिसे नकाबपोश निकालकर अपने साथ ले गए। फैक्टरी के कर्मचारी राजेंद्र वालिया गेट कीपर, लखन, ईश्वर, रामआसरे और राजू ने बताया कि फैक्टरी में लूटपाट करने वाले नकाबपोश यूपी की भाषा बोल रहे थे।

नकाबपोशों ने फैक्टरी के कर्मचारियों को यूपी की भाषा में धमकाया और उन्हें शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। नकाबपोशों को मशीनों से कैटलिस्ट चुराने में लगभग दो घंटे का समय लगा। उनमें से कोई मैकेनिक का कार्य जानता था, जिसे पता था कि कैटलिस्ट को चुराने में किस प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।

फैक्टरी में लगे थे दो कैमरे
रादौर की जिस केमिकल फैक्टरी में नकाबपोशों ने लाखों रुपये की कैटलिस्ट चुराई, उसमें केवल दो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। एक कैमरा फैक्टरी के गेट पर और दूसरा कैमरा फैक्टरी के अंदर लगा हुआ था। फैक्टरी के बाहर लगा हुआ कैमरा काफी समय से खराब पड़ा हुआ है।
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डकैती में शामिल हो सकता है कोई कर्मचारी

केमिकल फैक्टरी में हुई डकैती में फैक्टरी का कोई पुराना या नया कर्मचारी शामिल हो सकता है, जिसे फैक्टरी के अंदर की सारी भौगोलिक परिस्थितियों के बारे में पता था। बदमाश फैक्टरी के पीछे खेतों के रास्ते से दीवार फांदकर अंदर घुसे।

फैक्टरी के गेट पर चौकीदार था और कैमरा भी लगा हुआ था जिस कारण बदमाश फैक्टरी में पीछे की दीवार से अंदर घुसे। बदमाशों ने अंदर घुसते ही फैक्टरी के एक कमरे में बैठे चार-पांच कर्मचारियों को डंडों से पीटना शुरू कर दिया, जिससे फैक्टरी के अन्य कर्मचारी घबरा गए।

बदमाशों ने फैक्टरी की मशीनों को खोलने के लिए फैक्टरी के अंदर से ही औजार इस्तेमाल किए। इससे पता चलता है कि बदमाशों को फैक्टरी के अंदर की सभी चीजों के बारे में पहले से जानकारी थी।

थाना रादौर प्रभारी बरखाराम ने बताया कि पुलिस ने फैक्टरी इंचार्ज प्रेमचंद शर्मा की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 395 397, 342 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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