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UP: साथी की हत्या के विरोध में वकीलों का जमकर बवाल!

Thu, 22 Jan 2015 10:32 PM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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साथी की बम मारकर हत्या के विरोध में सड़क पर उतरे वकीलों ने बृहस्पतिवार को राजधानी की कानून-व्यवस्था चौपट कर दी। कचहरी और फैमिली कोर्ट बंद कराकर सैकड़ों वकील सड़क पर उतर आए और करीब चार घंटे तक कचहरी से शहीद स्मारक और कैसरबाग तक उत्पात मचाते रहे।
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इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बनकर देखते रहे। पीजीआई की वृंदावन कॉलोनी में बुधवार शाम वकील निखिलेंद्र कुमार गुप्ता की हत्या के भड़के वकीलों ने कचहरी के पास ही बैठक कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।

इस बीच कुछ वकील निखिलेंद्र का शव लेकर हजरतगंज चौराहा पहुंच गए। शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते हुए वकीलों ने एसएसपी यशस्वी यादव को हटाने, मृतक आश्रितों को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग करने लगे।
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वकीलों ने सड़क पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर यातायात ठप कर दिया। हजरतगंज की मुख्य सड़क पर लगे ट्रैफिक कोन और लोहे की बैरीकेडिंग उठाकर इधर-उधर फेंक दीं। वकीलों का एक गुट शहीद स्मारक के पास पहुंचा और पथराव कर तीन स्कार्पियो और एक टेवेरा कार, रोडवेज बस सहित कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए।

राहगीरों को लात-घूंसों और डंडों से पीटा

रोडवेज बसों और टेंपो से जबरन सवारियां उतरवा दीं। राहगीरों ने विरोध किया तो उन्हें लात-घूसों और डंडों से पीटा। महिलाओं और छात्राओं से भी अभद्रता की। डीएम राजशेखर के समझाने पर दोपहर करीब तीन बजे वकील शांत हुए।

दहशत से दुकानें बंद
वकीलों का उत्पात देखते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। स्टेडियम चौकी से लेकर हजरतगंज चौराहा तक दोनों तरफ दुकानों के शटर दोपहर तीन बजे तक गिरे रहे। जनपथ मार्केट और लीला चौकी के आसपास की दुकानें भी बंद रहीं।

कइयों की ट्रेन छूटीं
चारबाग, आलमबाग और कैसरबाग बस अड्डे से ऑटो-टेंपो में बैठीं सवारियां अराजकता शांत होने का इंतजार करती रहीं। हजरतगंज चौराहा के आसपास इतना जाम था कि सड़क पर खड़े होने की जगह तक नहीं बची थी। यही स्थिति परिवर्तन चौक पर दिखी। जाम के चलते सैकड़ों लोगों की ट्रेनें छूट गईं। कई लोग ऑटो-टेंपो छोड़कर पैदल ही रेलवे स्टेशन की तरफ चल पड़े।
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100 मीटर के दायरे में घूमते रहे

डालीगंज, आईटी चौराहा, कैसरबाग से परिवर्तन चौक होते हुए हजरतगंज जाने वाले दोपहिया वाहन चालक किसी तरह बैरीकेडिंग पार कर स्टेडियम के पास पहुंचे लेकिन स्टेडियम से बाएं एसबीआई के हेड ऑफिस जाने वाली सड़क और डीएम आवास के सामने वकीलों ने बैरियर लगाकर प्रेस क्लब के पीछे से जाने की सलाह दी, लेकिन यहां भी वकील रास्ता बंद कर दिए थे।

परिवर्तन चौक वापस जाने पर वाहन चालकों फिर से डीएम आवास की तरफ भेज दिया गया। वकील इसी तरह स्कूली बच्चों को भी इधर-उधर दौड़ाते रहे।

स्कूलों में कैद हो गए बच्चे
हजरतगंज इलाके में स्थित स्कूलों की छुट्टी हुई, लेकिन बच्चों को लेने न तो वैन और रिक्शा आ पाए आए और न ही उनके परिवार के सदस्य।

लिहाजा बच्चों को स्कूल के भीतर ही रोके रखा गया। कई अभिभावक पैदल ही कैथेड्रल, सेंट फ्रांसिस और ला मार्टिनियर गर्ल्स स्कूल पहुंचे और बच्चों को घर ले गए।
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