नकली करेंसी इस्तेमाल करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने भास्कर कॉलोनी सेक्टर-25 निवासी सूरजभान को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर तीन हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। मामले में सेक्टर-11 थाना पुलिस ने 30 दिसंबर, 2010 को सतीश कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया था।
बाद में पुलिस को सूरज के पास से 100 रुपये के छह, 500 के चार नकली नोट समेत कलर प्रिंटर कम स्कैनर भी बरामद हुआ था। हालांकि अदालत ने प्रिंटर और स्कैनर को जांच के लिए सीएफएसएल न भेजे जाने पर इसे बतौर सबूत मानने से इंकार कर दिया।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-25 निवासी सतीश कुमार ने बताया कि 30 दिसंबर, 2010 की सुबह उसने दुकान खोली ही थी कि करीब 6.15 बजे वहां सूरज भान आया। उसने उन्हें 100 रुपये का नोट देकर दूध और चाय पत्ती खरीदी। उसके जाने के बाद उन्हें नोट नकली होने का शक हुआ। उन्होंने नोट की जांच कराई तो वह नकली निकला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत की
पुलिस ने सूरज के घर पहुंच कर तलाशी ली तो उसके पास से 100 के पांच और नकली नोट बरामद हुए। साथ ही 500 के भी चार नकली नोट मिले। पुलिस को उसके घर से कलर प्रिंटर कम स्कैनर भी मिला। पुलिस के दावे के अनुसार उस समय पूछताछ में उसने बताया था कि वह खुद घर पर नकली नोट बनाता था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था।