उसने देखा कि खून से लथपथ रामपाल जमीन पर गिरा पड़ा है। उसने तुरंत मालिक को बताया। मालिक ने गांव के लोगों व पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मुताबिक रामपाल के पिता नहीं हैं और मानसिक रूप से बीमार मां मायके फगवाड़ा में ही रहती थी।
रामपाल अपने मालिक के साथ गन्ना पिंड में उसकी कोठी में रहता था। पुलिस के मुताबिक किसी ने गोली चलने की आवाज तक नहीं सुनी, घटना के बारे में भी तब पता चला जब उसकी लाश देखी गई। डीएसपी दविंदर अत्री ने बताया कि फिलहाल कातिलों का कोई सुराग नहीं लगा है, जांच की जा रही है। रामपाल को दो गोलियां लगी हैं, एक सीधी दिल पर मारी गई है।
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर हत्यारों के बारे में सुराग लगाया जा रहा है। रामपाल के परिवार का पता लगाया जा रहा है। किसी परिजन के अभी तक सामने नहीं आने पर थाना फिल्लौर के एसएचओ सुक्खा सिंह के बयान पर हत्या का केस दर्ज किया गया है।
एसएचओ सुक्खा सिंह ने बताया प्रारंभिक जांच में किसी लड़की को लेकर हत्या किए जाने की बात पता चली है। पुलिस लड़की के अलावा अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।