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नेपाली नागरिकों का फर्जी पासपोर्ट बनवाने का एक आरोपित गिरफ्तार, आठ साल से थी तलाश

Fri, 21 Feb 2020 05:16 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।

सार

  • - शाहपुर में 2012 और कैंट थाने में 2015 में दर्ज कराई गई है एफआईआर
  • - 117 नेपाली नागरिकों को भारतीय बता बनाए गए हैं फर्जी पासपोर्ट
  • - कई साल बाद पुलिस को कामयाबी मिली
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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नेपाली नागरिकों को भारतीय बताकर फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपित राजेश पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। कैंट थाने में 2015 और शाहपुर थाने में 2012 में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था।

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गिरफ्तार किए जाने के बाद नंदानगर के न्यू प्रोजेक्ट रोड निवासी राजेश ने बताया कि साथी परशुराम के साथ मिलकर उसने 117 नेपाली लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए जीआरडी कूड़ाघाट के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया है। इस फर्जी पासपोर्ट की मदद से कई नेपाली विदेश भी जा चुके हैं।  

कैंट थाने में बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2009 में जीआरडी, कूड़ाघाट के पते के फर्जी कागजात से 26 नेपाली नागरिकों का भारतीय पासपोर्ट बनवा दिया गया। इसके सहारे कई नेपाली नागरिक विदेश भी चले गए।
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भारत नेपाल मैत्री संघ के तत्कालीन अध्यक्ष मोहन लाल गुप्ता ने इसकी अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी। तत्कालीन एसपी ग्रामीण द्वारा मामले की जांच के बाद मोहन लाल गुप्ता की तहरीर पर वर्ष 2015 में फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले 26 नेपाली लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट अधिनियम में केस दर्ज किया गया था।

जिसके बाद मामले की जांच चल रही थी। सीओ ने बताया कि विवेचना के दौरान दो लोगों का नाम प्रकाश में आया। जिन्होंने फर्जी पासपोर्ट को बनाया था। विवेचक शैलेंद्र शर्मा और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर एक आरोपित राजेश को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने उसे बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजवाया दिया। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में पकड़े गए आरोपित के खिलाफ षडयंत्र रचने की धारा बढ़ा दी है। सीओ ने बताया कि इसके अलावा शाहपुर थाने में 2012 में 91 नेपाली लोगों पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का केस दर्ज हुआ था।

कैंट थाने में दर्ज केस के मुताबिक इनके पासपोर्ट फर्जी
सीमा राना, कल्पना थापा, मेनका थापा, विमला आले, रामा गुरूंग, सुनील की पत्नी सीमा, नरेश की बेटी सीमा, कमला थापा, प्रिया गुरूंग, सोनिया गुरूंग, आशा गुरूंग, आरती श्रेष्ठ, प्रीती गुरूंग, हेमा, संतोपी गुरूंग, अनिल गुरूंग, कुमारी रमा, गंगा थापा, आशा थापा, कल्पना गुरूंग, माया, रीता सुव्वा, रूपा लामा, सिबु रिमल, संगीता गुरूंग और सूरज राना का फर्जी पासपोर्ट वर्ष 2009 में बना था। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।


 
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फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाली एक महिला पहुंच गई थी कोर्ट

पुलिस के अनुसार फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाली एक महिला विवेचना के दौरान कोर्ट पहुंच गई और खुद को पीड़ित बताया और कहा कि उसने असली समझकर आवेदन पर हस्ताक्षर किया था। जिसके बाद कोर्ट ने जांच के लिए कई निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले सभी 26 नेपाली नागरिकों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। भूमिका मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विवेचना के दौरान पुलिस दिल्ली तक भी जा चुकी है।

शाहपुर थाने में भी दर्ज हैं फर्जी पासपोर्ट मामले में दो केस
पुलिस ने बताया कि शाहपुर थाने में भी फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में दो केस दर्ज हैं। जिसमें से एक केस धोखाधड़ी और दूसरा केस पासपोर्ट अधिनियम में है। फर्जी पासपोर्ट मामले में वर्ष 2012 में 91 लोगों पर केस दर्ज हुआ था।

इस पते पर किया था आवदेन
वर्ष 2005 से 2009 के बीच शहर के कूड़ाघाट, शाहपुर के पते पर नेपाली मूल के 91 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। इसमें पुलिस, एलआइयू के वेरीफिकेशन के बाद 60 लोगों को पासपोर्ट मिला था। जबकि 31 लोगों का पता फर्जी पाया गया।

फिर शुरू होगी शाहपुर की विवेचना
शाहपुर पुलिस ने अपने यहां दर्ज एफआईआर में एफआर लगा दी है। अब राजेश के पकड़े जाने के बाद शाहपुर की एफआईआर से एफआर निरस्त कराते हुए दोबारा विवेचना होगी और चार्जशीट दाखिल होगी।

मर गया वादी तब मिला इंसाफ
भारत नेपाल मैत्री समाज के जिस पूर्व अध्यक्ष मोहन लाल गुप्ता ने इस लड़ाई की शुरुआत की उनकी मौत हो चुकी है। जब तक वह जिंदा रहे इस लड़ाई को लड़ते रहे मगर तब पुलिस ने ध्यान ही नहीं दिया और अब पुलिस ने जांच कर आरोपित को पकड़ा है।


 
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