नेपाली नागरिकों को भारतीय बताकर फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपित राजेश पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। कैंट थाने में 2015 और शाहपुर थाने में 2012 में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था।
गिरफ्तार किए जाने के बाद नंदानगर के न्यू प्रोजेक्ट रोड निवासी राजेश ने बताया कि साथी परशुराम के साथ मिलकर उसने 117 नेपाली लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए जीआरडी कूड़ाघाट के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया है। इस फर्जी पासपोर्ट की मदद से कई नेपाली विदेश भी जा चुके हैं।
कैंट थाने में बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2009 में जीआरडी, कूड़ाघाट के पते के फर्जी कागजात से 26 नेपाली नागरिकों का भारतीय पासपोर्ट बनवा दिया गया। इसके सहारे कई नेपाली नागरिक विदेश भी चले गए।
भारत नेपाल मैत्री संघ के तत्कालीन अध्यक्ष मोहन लाल गुप्ता ने इसकी अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी। तत्कालीन एसपी ग्रामीण द्वारा मामले की जांच के बाद मोहन लाल गुप्ता की तहरीर पर वर्ष 2015 में फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले 26 नेपाली लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट अधिनियम में केस दर्ज किया गया था।
जिसके बाद मामले की जांच चल रही थी। सीओ ने बताया कि विवेचना के दौरान दो लोगों का नाम प्रकाश में आया। जिन्होंने फर्जी पासपोर्ट को बनाया था। विवेचक शैलेंद्र शर्मा और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर एक आरोपित राजेश को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उसे बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजवाया दिया। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में पकड़े गए आरोपित के खिलाफ षडयंत्र रचने की धारा बढ़ा दी है। सीओ ने बताया कि इसके अलावा शाहपुर थाने में 2012 में 91 नेपाली लोगों पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का केस दर्ज हुआ था।
कैंट थाने में दर्ज केस के मुताबिक इनके पासपोर्ट फर्जी
सीमा राना, कल्पना थापा, मेनका थापा, विमला आले, रामा गुरूंग, सुनील की पत्नी सीमा, नरेश की बेटी सीमा, कमला थापा, प्रिया गुरूंग, सोनिया गुरूंग, आशा गुरूंग, आरती श्रेष्ठ, प्रीती गुरूंग, हेमा, संतोपी गुरूंग, अनिल गुरूंग, कुमारी रमा, गंगा थापा, आशा थापा, कल्पना गुरूंग, माया, रीता सुव्वा, रूपा लामा, सिबु रिमल, संगीता गुरूंग और सूरज राना का फर्जी पासपोर्ट वर्ष 2009 में बना था। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।