31 दिसंबर की रात को चंडीगढ़ पुलिस रात भर दौड़ती रही। पुलिस कंट्रोल रूम पर 1600 काल आईं, जिन्होंने हड़कंप मचाया। इसमें सबसे ज्यादा काल लड़ाई झगड़े की आई और एक्सीडेंट की आई। पुलिस ने 20 जगह एंटी ड्रंकन नाके लगाकर शराबियों केजमकर चालान भी काटे । पांच लड़कियों ने भी पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर सहायता मांगी। पुलिस ने तीन युवतियों को उनके घर पर भी छोड़ा।
पुलिस के अनुसार नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर को रात 8 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक पुलिस कंट्रोल रूम के फोन पर लड़ाई- झगड़ों, एक्सीडेंट और न्वायज पोलूशन की शिकायतें आती रहीं। पिछले साल जहां इसी दिन पीसीआर पर 1450 काल आई थीं। जबकि इस साल 150 काले ज्यादा आईं। इन 1600 कालों में से 298 जगह पुलिस मौके पर र्गइं, जबकि पिछले साल 283 स्पॉट अटेंड किए।
पुलिस ने बताया कि 298 में 90 मामले लड़ाई झगड़े के थे। इसके बाद पुलिस को शहर में अलग- अलग जगह 52 सूचनाएं सड़क हादसों की आईं। 64 काल पुलिस को ध्वनि प्रदूषण की आई। 23 काल सड़कों पर हुड़दंग मचाने की रहीं। शहर में बीस जगह एंटी ड्रंकन के नाके भी लगाए गए थे। इन नाकों पर 252 पियक्कड़ों के चालान काटे। साथ ही इनके वाहन भी जब्त किए गए।
इस साल पिछले साल के मुकाबले दोगुने शराबियों के चालान काटे गए। कई जगह नाकों पर पुलिस वालों से पियक्कड़ बहस करते हुए भी नजर आए।