अवैध खनन में दो टिप्पर और एक अर्थमूविंग मशीन जब्त
- अवैध खनन करने वालों पर चंडीमंदिर थाने की पुलिस ने की कार्रवाई, दो लोग गिरफ्तार
- गांव आसरेवाली में अवैध माइनिंग के लिए पहुंचे थे पांच लोग, तीन फरार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। जिले में अवैध खनन करने वालों पर चंडीमंदिर थाने की पुलिस ने रविवार को कार्रवाई करते हुए गांव आसरेवाली में अवैध खनन में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो टिप्पर और एक अर्थमूविंग मशीन भी जब्त की है। पुलिस ने माइनिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चंडीमंदिर थाना के अंतर्गत आने वाले गांव आसरेवाली में माइनिंग हो रही है। पुलिस की ओर से छापेमारी की गई। इसमें बालू और गिट्टी से भरे दो ट्रक और एक अर्थमूविंग मशीन भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने खान मोहम्मद निवासी सुल्तानपुर यूपी और सरदारा सिंह निवासी बूंगा को गिरफ्तार किया है। चंडीमंदिर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि दिन में दोपहर 12 बजे के करीब गुप्त सूचना मिली थी कि पांच लोग माइनिंग के लिए गांव आसरेवाली आए है। इसके बाद छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, माइनिंग करने वाले तीन लोगों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
इसके पहले भी हुई थी कार्रवाई
17 अक्तूबर को जिले में अवैध खनन करने वालों पर खनन विभाग और पंचकूला पुलिस ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई की थी। सेक्टर-25 के बंदर घाटी के पास चल रहे अवैध माइनिंग के खिलाफ चंडीमंदिर थाना पुलिस ने खनन अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी की थी। पुलिस की ओर से दस टिप्पर और दो अर्थमूविंग मशीन जब्त की गई थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 379 और 188 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच के बाद पुलिस ने छह लोगों केे गिरफ्तार किया था। बाद में वे जमानत पर छूट गए थे।
डीसी ने किया था टास्क फोर्स का गठन
बीते अक्तूबर में पंचकूला में बढ़ते माइनिंग के मामलों को लेकर प्रशासन ने जिला टास्क फोर्स कमेटी की मीटिंग बुलाई थी। पंचकूला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस और माइनिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी भी मीटिंग में शामिल हुए थे। मीटिंग में तय किया गया कि माइनिंग विभाग के अधिकारियों पर होने वाले जानलेवा हमलों को देखते हुए पुलिस की टीम ज्वाइंट तौर पर काम करेगी। जिसके चलते किसी भी रेड के दौरान पहले एरिया के एसडीएम और पुलिस अधिकारियों से कांटेक्ट किया जाएगा ताकि रेड को एसडीएम मॉनीटर करें और पुलिस प्रोटेक्शन मिले। इसके अलावा पंचकूला के डीसी मुकुल कुमार ने पूरे एरिया में हो रही अवैध माइनिंग की रिपोर्ट मांगी थी। डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने माइनिंग टीम को कहा था कि जब भी वह रेड करने जाएं तो पुलिस को बताया जाए, ताकि उनकी सुरक्षा की जा सके। मीटिंग के दौरान बताया गया था कि कोर्ट बिल्ला, आसरे वाली, रायपुररानी में अवैध माइनिंग हो रही थी। यहां माइनिंग टीम के पहुंचने पर अफसरों को धमकाया जाता है। कब्जे में लिए हुए टिप्पर को बीच रास्ते रोक लिया जाता है और माइनिंग टीम के कब्जे से छुड़वा लिया जाता है। कई बार अधिकारियों को यहां पीटने की कोशिश की गई थी।
यहां होती है अवैध माइनिंग
चरनिया, बुर्जकोटियां, मौली, टिब्बी, श्यामटू, भूड-मंडलाए, खटौली नदी, घग्गर नदी, जट्टां माजरी, सारसा नदी, खेत पुराली, रात्तेवाली एरिया, बाड़ गोदाम, कीरतपुर, पपलोहा, टांगरी नदी, रायपुर, नटवाल, सरकपुर, भानू, मढांवाला, बेलवाली, शाहपुर नदी, बतौड़, मानकटबरा, जसवंतगढ़, टोका, सेक्टर-28, आसरे वाली, गरीड़ा, नयानगर, सुल्तानपुर, बेलवाली-कोट, रिहौड़, बतौड़, मौली, नटवाल, रामपुर, नारायणपुर, माणक्या व खेतपुराली के गांवों के साथ लगती नदियों में अवैध खनन किया जाता है।
माइनिंग माफिया का नेटवर्क तेज
माइनिंग माफिया का नेटवर्क पुलिस से भी तेज है। क्योंकि यहां माइनिंग करने के दौरान पहले ही मेन रोड पर किसी न किसी को रैकी के लिए छोड़ा जाता है। जैसे ही पुलिस की टीम माइनिंग एरिया में जाने लगती है तो माइनिंग करने वाले टिपरों और अर्थमूविंग मशीन चला रहे कारिंदों को मेसेज दे दिया जाता है। जिस कारण पुलिस इन लोगों तक पहुंची नहीं पाती।
हुकुम सिंह पर हुआ था हमला
कोट बिल्लाह एरिया के हुकुम सिंह पर कुछ लोगों ने सिर्फ इसलिए हमला किया था, क्योंकि वो अवैध माइनिंग करने से रोक रहा था। उसने बताया कि यहां माइनिंग हो रही थी। विरोध करने पर मारपीट की गई। मामले की शिकायत रामगढ़ पुलिस चौकी में दी गई है। क्राइम ब्रांच को भी अब अवैध माइनिंग पर काम करने के लिए लगाया जा सकता है। क्योंकि थाना स्टाफ के अलावा चौकी स्टाफ और पीसीआर को इस काम पर लगाया गया है, लेकिन उसके बाद भी रिजल्ट सामने नहीं आ रहे।