एफआईआर दर्ज होने के बाद मचा हड़कंप
- फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिजर्व कैटेगिरी में लिए थे कई प्लॉट
- 59 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के अलग-अलग मामले दर्ज
- 2013 में मल्टीपल प्लॉट अलॉटमेंट के मामले का हुआ था खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिजर्व श्रेणी में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक से अधिक प्लॉट के मालिकों को तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्राधिकरण की ओर से सौंपी गई सूची के आधार पर पुलिस ने 59 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। सेक्टर-पांच थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू कर दी है। 2013 में मल्टीपल प्लॉट अलॉटमेंट मामले का खुलासा हुआ था, जिस पर कार्रवाई करते हुए उस वक्त भी मामला दर्ज किया गया था।
प्राधिकरण की ओर से अलग-अलग समय पर प्लॉट अलॉटमेंट के लिए जारी सूचना के आधार पर आरोपियों की ओर से आवेदन किए गए थे। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जिनके पास पहले भी प्लॉट थे, बावजूद इसके उन्होंने फर्जी दस्तावेजों की मदद से दो या इससे अधिक प्लॉट भी अपने नाम करवाए। इसके तहत डिफेंस, गवर्नमेंट और एक्स सर्विसमैन सहित अन्य श्रेणी में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इनमें से प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वालों ने पिछले वर्षों के दौरान धोखाधड़ी से प्लॉट या फ्लैट अपने नाम करवाए। इस मामले में दर्ज एफआईआर के बाद सभी आरोपियों में एक बार फिर हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि इस मामले में जैसे-जैसे अन्य आरोपियों के नाम सामने आएंगे, कुछ और मामले दर्ज किए जा सकते हैं।
पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में झूठे हलफनामा के आधार पर एक से अधिक फ्लैट या प्लॉट हासिल करने वालों में कई अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें चंडीगढ़ के सेक्टर-11 निवासी बीके दीवान, पंचकूला निवासी बीपी सिन्हा, पंचकूला सेक्टर-6 निवासी राम सिन्हा, बहादुरगढ़ निवासी दरिया सिंह, रोहतक के इंदिरा कालोनी निवासी सुरिंदर सिंह, महेंद्रगढ़ निवासी मलोड राम, रोहतक निवासी ओम प्रकाश, भिवानी निवासी धर्मबीर सिंह, फतेहाबाद निवासी सारती देवी, चंडीगढ़ सेक्टर-21 निवासी सतीश कुमार, पंचकूला सेक्टर-8 निवासी रमेश कुमार, चंडीगढ़ सेक्टर-41 निवासी राधा, यमुनानगर निवासी मंगल सेन कुमार, कैलो देवी, पंचकूला निवासी रामेश्वर दास, चंडीगढ़ के सेक्टर-दो निवासी बीएन मेहता, पानीपत निवासी धर्मबीर सिंह, जींद निवासी राजबीर सिंह, जींद निवासी धर्मवीर सहित अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि करीब सात माह पहले भी ईओ की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर 174 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। लेकिन इन मामलों में भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।