13 दिन में जूत्ती और कुत्ते के शव की हो सकी बरामदगी
- तीन आरोपियों से पुलिस कर रही है पूछताछ, नहीं मिला अब तक शव का कोई सुराग
- आखिरकार कहां गया रजनी का शव?
- सीआईए-पुलिस की संयुक्त टीम जुटी है छानबीन में
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रजनी हत्या के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस अब तक शव का सुराग नहीं लगा सकी है। इस पूरे प्रकरण में अब तक की छानबीन में पुलिस को महज एक कुत्ते का शव और जूत्ती ही मिली है। पुलिस के मुताबिक अभी तक शव की बरामदगी के लिए टीम कहीं भी बाहर नहीं गई है और न ही शव की बरामदगी हो सकी है। हत्या के बाद आखिरकार रजनी के शव को कहां दबाया गया, यह अभी भी एक सवाल है। इस मामले की जांच अब पुलिस-सीआईए की टीम संयुक्त रूप से कर रही है।
एडवोकेट मनमोहन कुमार की पत्नी रजनी 16 जनवरी से ही लापता थी। इस मामले की शिकायत भी उसी दिन करवा दी गई थी, लेकिन रजनी की मौत की भनक उस वक्त हुई जब डंपिंग ग्राउंड के पास एक प्रत्यक्षदर्शी के बताने पर जूती और कुत्ते के शव की बरामदगी हुई। हालांकि, उस दिन भी पति मनमोहन सिंह ने पुलिस और मीडिया को गुमराह करने के इरादे से नाटकीय अंदाज में रोते बिलखते हुए यह सवाल कर रहा था कि अगर कुत्ते का शव मिला तो कहां गई रजनी। हत्या के आरोपी मोनिका, संदीप के अलावा पुलिस मनमोहन से भी पूछताछ कर रही है। लेकिन, अब तक की पूछताछ में यह साफ नहीं हो सका कि आखिरकार हत्या के लिए सुपारी दी गई थी या नहीं, हत्या में और कौन आरोपी शामिल हैं, शव को किसने ठिकाने लगाया, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर इस मामले की जांच क्यों नहीं की गई।
दो दोस्तों के भी हत्या में शामिल होने की आशंका
मनमोहन के बुलंदशहर के दो दोस्तों की भी हत्या की साजिश में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस हत्या के मामले से जुड़े तमाम लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो सके।
मीटिंग के बाद लिया जाएगा केस लड़ने पर फैसला
हत्या के आरोप में गिरफ्तार अधिवक्ता मनमोहन की रिमांड के बाद पंचकूला बार एसोसिएशन की जनरल हाउस की मीटिंग में इस संबंध में केस लड़ने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। प्रधान संदीप लौरा ने बताया कि रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद बैठक होगी, जिसमें इस संबंध में फैसला लिया जाएगा।
सवालों की नहीं सुलझी गुत्थी
गुमशुदा रजनी की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्या के मामले में कुछ नया खुलासा नहीं हो सका है। एडवोकेट मनमोहन की मोनिका से मुलाकात तलाक के एक केस के सिलसिले में हुई थी। वह कभी-कभी वकील के सेक्टर-19 स्थित घर पर भी आती थी। लेकिन हत्या की साजिश, कब, क्यों और कैसे रची, इन सवालों का पुलिस जवाब तलाश रही है।
संयुक्त टीम कर रही है छानबीन
हत्या मामले की इस गुत्थी को जल्द सुलझाने के लिए पुलिस और सीआईए की संयुक्त रूप से काम कर रही है। टीम, हत्या के इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं को खंगाल रही है ताकि साजिश के तहत की गई हत्या के इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं का खुलासा हो सके।
मध्य प्रदेश में शव होने की आशंका नहीं...
सूत्रों के मुताबिक हत्या के बाद रजनी के शव की तलाश में पुलिस की टीम फिलहाल कहीं नहीं गई है। अब तक शव की बरामदगी भी नहीं हो सकी है। मध्य प्रदेश के नंबर की गाड़ी देखकर आशंका जताई जा रही थी कि रजनी का शव, मध्य प्रदेश में दबाया गया। फिलहाल, इस मामले में पुलिस भी कुछ साफ नहीं कर रही है।