सोनीपत जिले के गांव मटिंडू से 30 मार्च को लापता हुए 11 वर्षीय मासूम का शव झज्जर जिले के गांव खरमाण से गुजर रही एनसीआर नहर की मोरी में फंसा हुआ मिला। शव की पहचान हो गई है। इस बारे में खरखौदा पुलिस थाने में मृतक के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
झज्जर के नागरिक अस्पताल में मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे बहादुरगढ़ सदर पुलिस थाने के प्रभारी और जांच अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार कन्हैया 30 अप्रैल को अपने परिजनों को घर से खेलने जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन वह वापस नहीं पहुंचा।
बाद में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने खरखौदा थाने में दर्ज कराई थी। लेकिन बुधवार को कंट्रोल रूम पर आई सूचना के बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। कंट्रोल रूम पर आई सूचना में बताया गया था कि खरमाण गांव से निकल रही एनसीआर नहर की मोरी में एक शव फंसा हुआ है। फिर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवा कर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। जब कोई जानकारी हासिल नहीं हो पाई तो शव को झज्जर के नागरिक अस्पताल में पहचान के लिए रखवा दिया गया।
वहीं सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के बाद मृतक कन्हैया के परिजन यहां अस्पताल पहुंचे और उन्होंने मासूम के शरीर व पांव में पड़े एक काले डोरे से उसके शव की पहचान की। परिजनों ने बताया कि कन्हैया को तैरना नहीं आता था। संभव है कि शायद वह इसी कारण से अकाल मृत्यु को प्राप्त हुआ हो। जांच अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने मासूम के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद मृतक के परिजनों को सौंप दिया है। खरखौदा पुलिस मामले की जांच कर रही है। -सुनील कुमार, पुलिस थाना प्रभारी सदर, बहादुरगढ़।