डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने कहा कि युजवेंद्र ने स्कूल का ही नहीं क्षेत्र का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। स्कूल युजवेंद्र की यादों को संभाल कर रखे हुए है। स्कूल समय में ही युजवेंद्र का चयन राष्ट्रीय स्तर की टीम में हो गया था। युजवेंद्र के आने से स्कूल में खुशी का माहौल है। युजवेंद्र सभी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत हैं। इससे प्रेरित होकर विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़कर स्कूल के साथ-साथ क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
छुट्टी चाहिए तो मुझे मेसेज कर देना
कार्यक्रम के दौरान डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने कहा कि युजवेंद्र का चयन जब भारतीय टीम में हुआ था तो स्कूल में एक दिन का अवकाश किया गया था। वहीं अगर भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीतती है तो स्कूल में दो दिन की छुट्टी की जाएगी, ताकि स्कूल के बच्चे इस खुशी को अपने तरीके से मना सकें। वहीं जब भी युजवेंद्र चहल स्कूल में आते हैं तो स्कूल में छुट्टी की जाती है।
बच्चों के लिए छुट्टी का दिन ही खुशी व्यक्त करने का दिन होता है। इस पर युजवेंद्र चहल ने विद्यार्थियों से कहा कि अगर मेरे आने से स्कूल में छुट्टी होती है तो जब कभी आपको छुट्टी चाहिए तो आप मुझे मेसेज कर देना मैं स्कूल आ जाऊंगा।