वर्ल्ड कप में अक्सर खिलाड़ियों पर दबाव रहता है। इसीलिए कई बार फ्लॉप भी हो जाते हैं, लेकिन जरूरत है कि हमें इससे सीख लेनी की। पिछले दिनों मुंबई में खेले गए वेस्टइंडीज के साथ सेमीफाइनल मैच में भारतीय टीम के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
यह मानना है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा का। वे रविवार को सद्भावना सम्मेलन में आए थे। 1987 में न्यूजीलैंड के तीन बल्लेबाजों को क्लीन बोल्ड कर हैट्रिक बनाने वाले भारत के पूर्व क्रिकेटर चेतन शर्मा ने कहा कि खिलाड़ी कोई भी हो उसे मन को एकाग्र करके खेलना चाहिए।
भारतीय टीम की वर्तमान परफॉर्मेंस पर कहा कि कभी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो कभी बॉलर, लेकिन पिछले दिनों वेस्टइंडीज के साथ हुए मैच में शुरुआत से ही भारतीय टीम का लक अच्छा नहीं रहा। मैच के शुरुआत में टॉस गलत चला गया।
मुंबई के स्टेडियम में ओस ज्यादा रहती है। ऐसे में खिलाड़ियों को संभलकर खेलना चाहिए। मैच की हार का कारण गेंदबाजी भी रहा। गेंदबाजी उस स्तर की नहीं हुई, जिसकी जरूरत थी। प्रेशर गेम के साथ नो बाल हार का कारण बनीं।