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Chandigarh News: वैली ऑफ डेथ से लेकर माउंट व्हिटनी तक 217 किलोमीटर लंबी इस रेस को 50 डिग्री में पूरा कर रचा इतिहास

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चंडीगढ़। दुनिया की सबसे कठिन और रोमांच से भरी तीन अल्ट्रा मैराथन को पूरा करने वाले पहले भारतीय बने 54 वर्षीय राकेश कश्यप ने यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है। आप में हिम्मत और लक्ष्य का पूरा करने के लिए लगन हो तो हर कीमत पर आपको जीत मिलेगी।
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राकेश ने तीन अल्ट्रामैराथन दौड़ें पूरी कर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। उन्होंने बैडवॉटर 135 (अमेरिका), ब्राज़ील 135 और स्पार्टाथलॉन (ग्रीस) को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऐसा करने वाले पहले और एकमात्र भारतीय बन गए हैं। शनिवार को वह चंडीगढ़ प्रेस क्लब पहुंचे और अपनी रेसों से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा वह इन रेसों को पूरी करने के बाद भी रुके नहीं हैं। बल्कि आने वाले वर्षों में वे और भी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लेकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। इन्होंने बताया कि मैंने इसके लिए पिछले कई वर्षों से लगातार कड़ी मेहनत कर रहा था। रोजाना 40 से 50 किलोमीटर तक भागने का अभ्यास किया। कड़ी गर्मी वाले दिन सबसे अधिक अभ्यास किया,क्योंकि अल्ट्रा रेसों को अधिक तापमान वाली जगह पर ही आयोजित किया जाना था।

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बैडवॉटर 135 किलोमीटर : वैली ऑफ डेथ

कैलिफोर्निया की वैली ऑफ डेथ से शुरू होकर माउंट व्हिटनी तक 217 किलोमीटर लंबी इस रेस को दुनिया की सबसे कठिन रेस कहा जाता है। तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता है और रास्ते में तीन पर्वत श्रृंखलाएं पार करनी होती हैं। राकेश कश्यप ने यह रेस 31 घंटे 24 मिनट में पूरी की, जो किसी भी भारतीय निवासी द्वारा अब तक का सबसे तेज समय है। इसके साथ ही वह विश्व रैंकिंग में 19वें स्थान पर रहे। इस रेस के दौरान सारा हिली एरिया है, जिसमें कहीं पर हरियाली नहीं जिसकी वजह से कड़ी गर्मी में रेस को पूरा करना काफी मुश्किल से भरा होता है। इसे पार करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह से फिट रहना पड़ता है।
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ब्राज़ील 135 किलोमीटर: अमेजन की चुनौतियों पर विजय
ब्राजील की तपती गर्मी में स्थित 241 किलोमीटर की इस रेस में राकेश ने 45 घंटे 12 मिनट में दौड़ पूरी कर 2025 के संस्करण में एकमात्र भारतीय फिनिशर होने का गौरव प्राप्त किया। उन्हें विश्व स्तर पर 7वां स्थान प्राप्त हुआ। इन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में 51 वर्ष की उम्र में 24 घंटे में सबसे अधिक दूरी (210 किमी) तय करने वाले धावक के रूप में भी दर्ज हैं। इस रेस को जीतने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया था, जिसे इन्होंने 45 घंटे और 12 मिनट में पूरा करके रिकार्ड बना दिया। इस रेस में बिना रेस्ट किए और बिना सोए पूरा करके दिखाया।

स्पार्टाथलॉन: इतिहास की रफ्तार से वर्तमान में कदम

ग्रीस की राजधानी एथेंस से स्पार्टा तक की 246 किलोमीटर की कठिन दौड़ को समय सीमा में राकेश ने सफलतापूर्वक पूरा कर भारत का परचम वहां भी फहराया। इस रेस को पूरा करके लिए 36 घंटे मिले थे, जिसे उन्होंने 36 घंटे में पूरा करके दिखाया। इसमें रेस्ट भी नहीं करना होता। बिना रुके पूरा करना ही सबसे टफ चैलेंज रहता है।
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