कलाग्राम में चल रहे क्राफ्ट मेले में सिर्फ खरीदारी ही नहीं बल्कि, यहां देशभर का जायका भी मिलेगा। मेले में हैदराबादी, राजस्थानी, कश्मीरी और हरियाणा व पंजाब के विशेष व्यंजन पेश किए गए हैं।
हैदराबादी डोसा, मूंग दाल के राजस्थानी पकौड़े, कश्मीरी व्यंजन, ढोकला, दाल बाटी और कचौड़ी लोगों को खासे पसंद आ रहे हैं।
कालीन लोगों की पहली पसंद
मेले में बनारसी सूट और मिर्जापुर के कालीन लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कालीन लेकर आए रुस्तम ने बताया कि हैंडलूम के लिए उनको तीन अवार्ड मिल चुके हैं।
उनके कालीन की रेंज दो हजार रुपये से लेकर पचास हजार रुपये तक है। कालीन की धूम सिर्फ देश नहीं बल्कि विदेश में भी है।
बनारसी सूटों ने तो मेले में आने वाली महिलाओं का दिल जीत लिया है। बनारस से सूट लेकर आए नसीर अहमद ने कहा कि इन सूटों की खासियत है उनमें की गई कढ़ाई।
इसी खूबी के लिए उनको संत कबीर अवार्ड मिला है। संत कबीर अवार्ड की लॉन्चिंग 2009 में हुई थी। उनको पहली बार इस अवार्ड के लिए चुना गया।
मेले में ओडिसा से आए भगवान गणेश की मूर्ति ने सबका दिल जीत लिया है। इसमें एक गणेश के भीतर एक सौ आठ गणेश बने हैं। यह सारा काम पाम लीफ पर किया गया है।