पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी
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कोविड के फिर से बढ़ने की आशंका को देखते हुए पंजाब सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। सरकार ने एक आदेश जारी कर अपने सभी मुलाजिमों को आगाह किया है कि जिन कर्मचारियों ने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है या अपना कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट का नंबर एचआरएमएस के सैलरी मोड्यूल में नहीं जोड़ा है, उन्हें अगले महीने वेतन नहीं मिलेगा, क्योंकि ऐसे मुलाजिमों की सैलरी बनेगी ही नहीं।
वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि एचआरएमएस पोर्टल में कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट का नंबर दर्ज करने का उपबंध कर दिया गया है और इसे सैलरी मोड्यूल से जोड़ा गया है। पत्र में हिदायत दी गई है कि जिन मुलाजिमों ने वैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं, उसके दोनों नंबर और जिन्होंने वैक्सीन का केवल एक डोज लगवाया है, उनके एक सर्टिफिकेट का नंबर पोर्टल पर दर्ज किया जाए। पत्र में आगे कहा गया है कि अगर वैक्सीन का सर्टिफिकेट नंबर दर्ज नहीं किया गया तो संबंधित मुलाजिम की सैलरी नहीं बनेगी।
तय तारीख के बाद भी 35 लाख ने दूसरी डोज नहीं लगवाई
पंजाब में 35 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्होंने तय तारीख निकल जाने के बावजूद अभी तक कोविड की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। इस तरह के लोगों को ही खास तौर से कवर करने के लिए सरकार की ओर से जोर शोर से शुरू की गई घर-घर दस्तक मुहिम ठप पड़ गई है। इससे दूसरी डोज के लिए आगे न आने वाले लोगों की लगातार संख्या बढ़ती जा रही है। इससे सरकार के साथ-साथ सेहत विभाग में हड़कंप है।
आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में दो करोड़ छह लाख के करीब आबादी 18 साल के आयुवर्ग से ज्यादा की है, जो कोविड वैक्सीनेशन के योग्य है। स्टेट टीकाकरण अधिकारी डॉ. बलविंदर कौर के मुताबिक इसमें में से 81 फीसदी आबादी को सेहत विभाग ने कवर कर लिया गया है। 85 लाख से ज्यादा लोगों को कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज लगने के बाद पूरी तरह से वैक्सीनेट हो चुके हैं। करीब 35 लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी तय तारीख निकल गई है। फिर भी वह कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। पटियाला जिले में करीब डेढ़ लाख ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है। गौरतलब है कि को वैक्सीन की दूसरी डोज 28 तो कोवीशील्ड की 84 दिनों बाद लगती है।