हरियाणा के सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स, पारिवारिक पेंशनर्स और उनके आश्रित सीमित कैशलेस चिकित्सा सुविधा में अब कोविड-19 महामारी का भी इलाज करा सकेंगे। सरकार ने इस सुविधा में कोरोना को भी शामिल कर दिया है। इससे कोविड-19 से संबंधित मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति की जा सकेगी। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों, बोर्ड और निगमों के सभी प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, सभी मंडल आयुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार, प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी एवं लेखा परीक्षा), सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक, राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों, डीसी, सभी सिविल सर्जन सहित सरकार के पैनल में शामिल सभी निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निदेशक, चिकित्सा अधीक्षकों को पत्र जारी कर दिया है।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा के तहत पहले से अधिसूचित छह खतरनाक बीमारियों के अलावा अब कोविड-19 से पीड़ित होने पर भी इलाज करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि पैनल में शामिल निजी अस्पताल मौजूदा प्रतिपूर्ति, सीमित कैशलेस, सूचीबद्ध नीतियों और समय-समय पर सरकार के संशोधित रेट के अनुसार शुल्क लेंगे। बीमारी के संबंध में प्रदान किए गए उपचार के बिलों को प्रतिपूर्ति के लिए संबंधित विभाग के डीडीओ के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।