चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने यूके एयरपोर्ट पर दंपती को फ्लाइट पर चढ़ने से रोकने की शिकायत को सही ठहराते हुए विस्तारा एयरलाइंस पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके साथ आयोग ने शिकायतकर्ता दंपती के टिकट के 76 हजार रुपये वापस देने की बात भी कही है। आयोग ने जीरकपुर के बलटाना में रहने वाले करनैल सिंह और उनकी पत्नी मंजीत कौर की शिकायत पर विस्तारा एयरलाइंस के खिलाफ यह फैसला सुनाया है।
आयोग ने विस्तारा-टाटा एयरलाइंस को सेवा में कोताही बरतने का दोषी करार देते हुए 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके साथ एयरलाइंस को टिकट राशि के 76 हजार रुपये शिकायतकर्ताओं को लौटाने का आदेश दिया है। करनैल सिंह अपनी शिकायत में बताया कि वह नवंबर 2021 के यूके में रहने वाले अपने परिवार से मिलने के लिए गए। इसके बाद वह जब मार्च 2022 में वापस आ रहे थे, तो उनको लंदन एयरपोर्ट पर रोक दिया गया, जिसके चलते दंपती का वहां रुकने में 60 हजार रुपए का खर्च आया।
नवंबर 2021 में दोनों पति-पत्नी ने दिल्ली से यूनाइटेड किंगडम आने-जाने के लिए फ्लाइट टिकट बुक करवाए थे, जिसकी टिकट की बुकिंग के लिए 1,36,000 रुपये का भुगतान किया था। यात्रा के लिए आवश्यक सभी शर्तों को पूरा करने के बाद दंपती ने पांच नवंबर 2021 को यूके 17 फ्लाइट से दिल्ली से लंदन तक यात्रा की। वहां से उन्हें चार मार्च 2022 को दिल्ली लौटना था, जिसके लिए रिटर्न टिकट पहले ही लिए थे। बावजूद एयरलाइंस ने उन्हें बिना किसी कारण फ्लाइट में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी। इस पर दंपती ने एयरलाइंस के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
यात्रा के लिए लेने पड़े नए टिकट
शिकायतकर्ता दंपती ने आरोप लगाया कि फ्लाइट पर यात्रा से रोकने की वजह से उन्हें लंदन में किराये पर रहना पड़ा। इसमें दंपती का 60 हजार रुपये का खर्च आया है। इसके साथ यूके से दिल्ली लौटने के लिए एयरलाइंस से नए टिकट लेने पड़े, जिसके लिए उन्हें 76 हजार रुपये देने पड़े।
सुविधा पोर्टल पर जमा नहीं किए दस्तावेजः एयरलाइंस
विस्तारा एयरलाइंस ने शिकायत का विरोध करते हुए जवाब में कहा कि शिकायतकर्ताओं को इसलिए यात्रा की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान तय नियमों के अनुसार एयर सुविधा पोर्टल पर स्व घोषणा पत्र और दस्तावेज जमा नहीं किए थे।