चंडीगढ़। मोहाली के बिल्डर जरनैल सिंह बाजवा को सन्नी एनक्लेव के सैकड़ों परिवारों को बिजली का सही कनेक्शन उपलब्ध करवाने के आदेश का पालन न करना भारी पड़ गया है और उन पर सजा की तलवार लटक गई है। हाईकोर्ट ने उन्हें अवमानना का नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्हें क्यों न दोषी मान सजा सुना दी जाए।
अवमानना याचिका दाखिल कर विनोद कक्कड़ व अन्य 98 स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट को बताया कि वे सन्नी एनक्लेव में रह रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने सभी आवश्यक शुल्क जमा करवा दिए, लेकिन उन्हें आज तक बिजली का सही कनेक्शन नहीं मिल पाया है। बाजवा डेवलपर्स की बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी थी, जिसे पूरा नहीं किया गया और याचिकाकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट में बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड के एमडी जरनैल सिंह बाजवा ने कहा था कि मार्च 2023 तक बिजली का सारा इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवा दिया जाएगा। तय समय अवधि में इसका पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने कार्य पूरा होने का प्रमाणपत्र नहीं सौंपने पर बिल्डर पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
मामला दोबारा सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट ने पाया कि इस बार भी प्रमाणपत्र नहीं पेश किया गया है। साथ ही दिसंबर 2022 में उन्होंने अंडरटेकिंग दी थी कि बिजली के लिए सरकार को भुगतान किया जाएगा, लेकिन अभी भी राशि लंबित है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह रवैया साफ तौर पर न्यायालय की अवमानना है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब उन्हें दोषी करार देकर सजा सुनाने से पहले पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया है और अगली सुनवाई पर अदालत में हाजिर रहने का निर्देश दिया है।