चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक में भाजपा पार्षद अरुण सूद ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया। बुधवार को हुई सदन की बैठक में पार्षद सूद ने कहा कि फायर ब्रिगेड के कर्मचारी फायर सेफ्टी नोटिस के साथ एक विजिटिंग कार्ड भी थमा रहे हैं। खास बात यह है कि विजिटिंग कार्ड जिस व्यक्ति का है, उसी से काम कराने पर ही फायर सेफ्टी एनओसी दी जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि संबंधित व्यक्ति से मुझे लिखित में शिकायत दिलवाएं। मैं तत्काल विजलेंस जांच के लिए लिखूंगा। अरुण सूद ने कहा कि जिस व्यक्ति को कर्मचारियों ने विजिटिंग कार्ड दिया, उसने पहले संबंधित कंपनी के लोगों से संपर्क किया तो पता चला कि सभी फायर सेफ्टी नॉर्म्स पूरे करने के लिए एक लाख 25 हजार रुपये लगेंगे।
ध्यान देने वाली बात यह है कि वही काम जब दूसरी कंपनी से कराया तो पूरा काम मात्र 75 हजार रुपये में हो गया। मतलब 50 हजार रुपये का सीधा-सीधा घपला था। उसके बाद बाद काम करने वाली कंपनी ने कुछ कमाया भी होगा, वह अलग। वहीं दूसरी कंपनी से काम करवाने के बाद एनओसी के लिए अब कर्मचारी संबंधित व्यक्ति से 25 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।