एजेंसी के तहत लगे कर्मचारियों पर लग रहे थे भ्रष्टाचार के आरोप
चंडीगढ़। हरियाणा की जिला परिषदों में लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने सिक्योरिटी एजेंसी सिटाडेल का ठेका रद्द कर दिया है। एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। सरकार की तरफ से कई बार चेतावनी नोटिस भी दिए गए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अब ऐसे में इसके तहत लगे कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। इस संबंध में विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक ने आदेश जारी किए हैं। वहीं, सरकार ने जिला परिषदों में खाली पदों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत भरने का फैसला लिया है।
गठबंधन सरकार में विकास एवं पंचायत विभाग जजपा के कोटे से मंत्री बने देवेंद्र बबली के समय में इस एजेंसी के साथ विभाग का समझौता हुआ था। पिछले साल एक दिसंबर से 31 अक्तूबर 2024 तक के लिए समझौता बढ़ाया गया था। लेकिन बार-बार कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगते रहे। जिला परिषदों में आउटसोर्सिंग पर लगे कंपनी के भ्रष्ट कर्मचारियों की शिकायतें कई बार सरकार के संज्ञान में लाई गई थी। सरकार के निर्देश के बाद विभाग के महानिदेशक ने समझौता रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। शुरुआत में जिला परिषदों में परियोजना अधिकारी अनुबंध पर लगाए जाएंगे। इसके लिए विकास एवं पंचायत विभाग ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड को पत्र लिखा है। जल्द ही एचकेआरएन इन पदों को विज्ञापित करेगा।