हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जिला नागरिक अस्पताल में सब कुछ ठीक नहीं है। डॉक्टरों पर कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। अस्पताल में अनुबंध और ठेका पर नौकरी के नाम पर लाखों रूपये की रिश्वत और महिला कर्मचारियों के शारीरिक शोषण के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप लगाने वाला कर्मचारी पुराने सिविल अस्पताल में कार्यरत है और उसने अपने नाम सहित यह शिकायत प्रधान चिकित्सा अधिकारी को सौंपी थी, जहां से यह शिकायत सिविल सर्जन को प्रेषित कर दी गई है। अब सिविल सर्जन डॉक्टर कुलदीप कुमार ने पूरे मामले की जांच करवाए जाने की बात कही है।
शारीरिक शोषण व वेश्यावृति कराने तक के आरोप
प्रधान चिकित्सा अधिकारी को सौंपी शिकायत में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक महिला अनुबंधित कर्मचारी व अन्य द्वारा मासूम व भोली भाली लड़कियों से वेश्यावृति करवाई जा रही है। इसके अलावा भ्रष्टाचार भी खूब हो रहा है। कर्मचारी ने बताया है कि वह पुराने सिविल कार्यालय में कार्यरत है। बाकायदा कर्मचारी ने अपना नाम और टेलीफोन नंबर भी अंकित कर शिकायत दी है।
पहले भी लगे थे डॉक्टरों पर लड़कियां सप्लाई करने के आरोप
बता दें कि करीब डेढ़ साल पहले भी एक महिला डॉक्टर पर लड़कियों की सप्लाई करने और अनुबंधित कर्मचारियों को नौकरी पर लगाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे। बाकायदा इस बारे में पांच अलग-अलग शिकायतें भी भेजी गई थीं, लेकिन यह सभी गुमनाम थीं। लिहाजा आरोप जांच में कहीं नहीं टिक पाए थे। लेकिन इस बार शिकायत करने वाला कर्मचारी न तो गुमनाम है न ही कच्चा कर्मचारी। बल्कि नियमित है।
किन-किन के हैं नाम
शिकायत पत्र में एक बड़े लेवल की महिला डॉक्टर पदाधिकारी व एक मेडिकल अधिकारी सहित एनएचएम में कार्यरत कर्मचारियों के नाम हैं। इनमें वार्ड सर्वेंट महिलाओं तक के नाम लिखे गए हैं। करीब सात पुरूष और महिलाओं के नाम शिकायत पत्र में वर्णित किए गए हैं।
मेरे पास शिकायत जरूर आई थी, लेकिन मामला पुराने सिविल अस्पताल से जुड़ा है। इसीलिए मैंने उसे सिविल सर्जन को प्रेषित कर दिया था। वहीं से जांच होगी।
- डॉ. दिनेश गोयल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
मामला गंभीर है। इसमें महिला डॉक्टरों के नाम आना भी चिंतनीय है। पूरे मामले की जड़ तक जाया जाएगा। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन