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कम उम्र में शादी को लेकर हाईकोर्ट का अति महत्वपूर्ण फैसला, आदेश- रजिस्ट्रेशन किया जाए

Thu, 18 Jun 2020 10:48 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • हाईकोर्ट का कम उम्र में शादी के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला
  • हरियाणा सरकार को विवाह रजिस्टर करने के निर्देश
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प्रतीकात्मक फोटो
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विस्तार
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कम उम्र में शादी करने को लेकर हाईकोर्ट ने बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और मैरिज रजिस्ट्रेशन करने का आदेश दिया। विवाह करने के लिए उम्र को लेकर दाखिल एक याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट के तहत अगर न्यूनतम आयु सीमा का उल्लंघन करके शादी की गई तो उसे रद्द तो किया जा सकता है, लेकिन निष्प्रभावी नहीं। याचिका दाखिल करते हुए दंपती की ओर से बताया गया कि जब 2015 में उन्होंने शादी की थी तो लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम की थी।

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2019 में जब उन्होंने विवाह को रजिस्टर्ड करने के लिए आवेदन किया तो यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि शादी के समय लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम थी, इसलिए इसे रजिस्टर नहीं किया जा सकता। आवेदन खारिज करते हुए कहा गया कि यह विवाह हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए किया गया है, इसलिए यह वैध नहीं है।
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रजिस्ट्रेशन में कोई अड़ंगा नहीं लगाया जाना चाहिए

विवाह के रजिस्ट्रेशन से जुड़े आवेदन के रद्द होने के बाद दंपती ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल लड़के की आयु 21 वर्ष से अधिक है और किसी भी पक्ष ने विवाह को अवैध करार देने से जुड़ा कोई आवेदन नहीं किया गया है।

जब विवाह को अवैध करार देने से जुड़ा कोई आवेदन मिला ही नहीं है और अब वर-वधु दोनों बालिग हैं। इसलिए विवाह के रजिस्ट्रेशन में कोई अड़ंगा नहीं लगाया जाना चाहिए। इस मामले में जब हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा तो सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।

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इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट के तहत न्यूनतम आयु का उल्लंघन करके की गई शादी रद्द करने योग्य है, लेकिन निष्प्रभावी नहीं। दोनों में से कोई भी इस विवाह से अलग भी नहीं होना चाहता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार को दोनों का विवाह दो सप्ताह में रजिस्टर किए जाने के आदेश दे दिए।
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