चंडीगढ़ सीबीआई अदालत ने सेक्टर-7 निवासी राजेश चड्ढा और उनकी पत्नी मंजू चड्ढा को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने दंपती पर 85 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। दंपती के खिलाफ आय से अधिक संपति होने का मामला दर्ज था।
जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोषियों ने लोक सेवक होते हुए व्यक्तिगत फायदे के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। यह मानव अधिकारों, विभाग की नीतियों और जनहित के लिए चुनौती है। यह कानून का उल्लघंन है। एक भ्रष्ट अधिकारी पूरे विभाग के प्रति लोगों में अविश्वास पैदा कर देता है। सार्वजनिक कार्यालयों में भ्रष्टाचार का कैंसर कई बार होता है। यह कैंसर सांविधानिक शासन को खतरे में डालता है।
इसलिए ऐसे लोक सेवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी बहुत आवश्यक है, जो जनता में विभाग के प्रति अविश्वास पैदा करता है। दोषियों ने अदालत में कहा कि उनके दो अविवाहित बच्चे हैं, उनकी नौकरी पहले ही जा चुकी है। बच्चों का उनके अलावा कोई नहीं है। यह कहते हुए दोषियों ने कम से कम सजा की मांग की।