बुधवार देर रात को मरीज के अस्पताल में आते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। आनन-फानन में स्पेशल वार्ड में दाखिल करने के बाद स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का पैनल तैयार किया। इसमें फिजीशियन, ईएनटी सहित स्पेशलिस्ट डॉक्टर शामिल रहे। अस्पताल एसएमओ डॉ. सतीश की निगरानी में मरीज को रखा गया है। साथ ही वार्ड में पूरी एतिहात बरती जा रही है।
संदिग्ध मरीज का वार्ड पूरी तरह से आइसोलेटेड
स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के वार्ड को पूरी तरह से आइसोलेटेड कर दिया है। किसी भी व्यक्ति को कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज तक जाने की इजाजत नहीं है। इसके साथ ही चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ को भी प्रोटेक्शन किट पहनाने के बाद ही मरीज तक भेजा जा रहा है। मरीज को फिलहाल कुछ जरूरी दवाइयां भी दी जा रही हैं। मरीज के कमरे में झाडू नहीं लगाया जा रहा और गीले के साथ-साथ सूखा पोछा लगाया जा रहा है। मरीज के मास्क को भी बायोमेडिकल के तहत नष्ट किया जा रहा है।
मरीज के साथ परिजनों की होगी स्क्रीनिंग
आइसोलेशन वार्ड में मरीज के अलावा उनके परिजन को जाने की इजाजत है। मरीज के साथ उनके समस्त परिजनों की स्क्रीनिंग भी विभाग करवा रहा है। ताकि समय रहते उनका भी उपचार शुरू करवाया जा सके।
अस्पताल में जैसे ही कोराना व स्वाइन फ्लू के ग्रस्त मरीज की खबर फैली तो हड़कंप मच गया। समस्त स्टाफ के साथ मरीज व उनके तीमारदार भी अस्पताल में मास्क पहने दिखाई दिए। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन में मास्क की संख्या को बढ़ाने के लिए सीएमओ कार्यालय से हजारों मास्क मंगवाए।
कोराना वायरस के लक्षण
कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है। इस वायरस के कारण मरीजों में आमतौर पर जुकाम, खांसी, गले में दर्द एवं सांस लेने में दिक्कत बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं। इसके बाद यह निमोनिया में बदल जाते हैं । यह वायरस एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में खांसने व छींकने के माध्यम से फैलता है।
ऐसे करें बचाव
- साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
- सर्दी जुकाम वाले लोग भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं।
- हाथ को अच्छी तरह साबुन से धोएं।
- नाक, मुंह पर मास्क अथवा रुमाल रखें।
- बीमार व्यक्ति के बर्तन का इस्तेमाल न करें।
- जुकाम के साथ सीने में तेज दर्द हो तो अपने नजदीकी प्राथमिक, सामुदायिक अथवा जिला चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाएं।
बुधवार देर रात को 20 वर्षीय युवती आई थी। 10 दिन पहले वह थाईलैंड से आई थी और खांसी, जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। युवती के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। कोराना वायरस व स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते सैंपल पुणे, दिल्ली व चंडीगढ़ पीजीआई भेजे गए है। -डॉ. सतीश, एसएमओ, नागरिक अस्पताल अंबाला छावनी