चंडीगढ़ में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनता जा रहा है। ऐसी स्थिति में मरीजों में पुरुषों की संख्या ज्यादा होना इस चिंता को और बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहर में अब तक मिले कुल पॉजिटिव मरीजों में पुरुषों की संख्या 57.52 और महिलाओं की संख्या 42.48 है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी के साथ ही कोरोना से बचाव के मानकों का पालन न किया जाना इसका एक बड़ा कारण है। इसके अलावा महिलाओं की तुलना में पुरुषों का घर से ज्यादा बाहर रहना भी संक्रमण के खतरे को बढ़ा रहा है।
इसलिए पुरुषों को सचेत होने की जरूरत है। घर से बाहर रहने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही अन्य मानकों का कड़ाई से पालन करना बहुत जरूरी हो गया है। अगर अब भी लापरवाही पर लगाम नहीं लगी तो पुरुषों में बढ़ते संक्रमण पर काबू पाना मुश्किल होगा।
संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन करें। कोरोना संक्रमण से बचाव ही इलाज है। जरूरत है समझदारी से अपने साथ अपने पूरे परिवार को इस जानलेवा बीमारी से बचाने की।
- डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर हेल्थ
सचेत रहें.. घर के बाहर से संक्रमण पहुंच रहा अंदर: डॉ. वीके नागपाल
नौकरी या घर के बाहर के अन्य कामों को करने के लिए पुरुषों को ज्यादा समय बाहर बिताना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उनमें संक्रमण का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा रहता है। जीएमएसएच- 16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि घर से बाहर ज्यादा समय तक रहने के दौरान पुरुष अनजाने में संक्रमण की जद में आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि ऑफिस, बाजार या भीड़ वाली अन्य जगह पर सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पूरी तरह से पालन करें।
ज्यादा देर तक घर से बाहर रहना हो तो कम से कम दो मास्क साथ रखें। कुछ घंटे के बाद मास्क बदले और लोगों से मिलने के दौरान सावधानी बरतें। घर जाने के बाद सबसे पहले खुद को सेनेटाइज करें और उसके बाद ही परिवार के सदस्यों के संपर्क में आए। ऐसा न करने के कारण ही बाहर जाने वाले एक सदस्य से घर के सभी सदस्य संक्रमित हो रहे हैं।
बेवजह बाहर नहीं निकलें, मास्क पहनें: डॉ. राजेश
धीर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजेश धीर का कहना है कि घर का कोई भी सदस्य संक्रमित होता है तो परिवार की व्यवस्था बिगड़ेगी। अस्पतालों और बाजारों में बेवजह न जाएं। खरीदारी के वक्त अधिकांश मास्क का उपयोग नहीं करते। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। घर का कोई सदस्य बिना मास्क के बाहर जाए और हाथों को सैनिटाइज किए बिना घर में घुसता है तो उसे टोकें और समझाएं। ऐसा कर कोरोना से बचाव की व्यवस्था की जा सकती है।
यह सावधानी बरतें
- कार्यालय या फिर बाजार से लौटने के बाद कपड़ों को धोएं।
- हाथों को पूरी तरह से साफ करें, उसके बाद ही किसी को छुएं।
- मास्क पहनने वाले विक्रेताओं से ही सब्जी और फल खरीदें।
- दुकानदार को घेरकर न खड़े हों, एक मीटर की दूरी से खरीदारी करें।
- पांच से सात दिन का सामान एक बार ही खरीद कर रख लें।
- बच्चों को बाहर झुंड में न खेलने दें, खुद भी झुंड में बातचीत न करें।
- पार्क में जाते वक्त मास्क और दूरी से बात करने की आदत डालें।
- पति या परिजन बिना मास्क के घर से बाहर जाएं तो महिलाएं टोकें।