पंजाब में कोरोना वायरस लगातार पैर पसार रहा है। मंगलवार को विभिन्न शहरों से सामने आए 20 नए पॉजिटिव केसों के साथ राज्य में इस घातक वायरस के शिकार लोगों की संख्या 99 तक पहुंच गई। राज्य में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, मंगलवार को 10 मरीजों के ठीक होने की सुखद खबर भी आई। इसके साथ ही इस रोग पर जीत हासिल करने वालों की संख्या भी बढ़कर 14 हो गई है।
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मंगलवार को सामने आए कोरोना के पॉजिटिव केसों के मामले में एसएएस नगर मोहाली प्रभावित जिलों की सूची में सबसे ऊपर आ गया है। यहां सात नए केसों के साथ पीड़ितों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। अब तक एसबीएस नगर (नवांशहर) 19 रोगियों के साथ इस सूची में सबसे आगे था।
पिछले 24 घंटों में यहां मिले नए केस
सूबे में पिछले 24 घंटों में मोहाली में 7, पठानकोट में 6, मोगा में 4, मानसा में 2 और अमृतसर में एक नया केस मिला है।
पंजाब में अब तक यह स्थिति
अब तक नवांशहर में 19 और मोहाली में 26 लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, अमृतसर में 10, होशियारपुर में 7, पठानकोट 7, जालंधर और लुधियाना में 6-6, मानसा में 5, मोगा में 4, रोपड़ में 3, फतेहगढ़ साहिब में 2, पटियाला, फरीदकोट, बरनाला और कपूरथला में 1-1 व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है।
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मोगा में पॉजिटिव मरीज
गांव चीदा की मस्जिद में ठहरे 13 तब्लीगी जमातियों में से चार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मोगा में ये पहले पॉजिटिव हैं। रिपोर्ट आते ही पुलिस और सेहत विभाग ने तुरंत चीदा समेत साथ लगते गांव सुखानंद को पूरी तरह से सील कर दिया। एसएसपी मोगा हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि चारों पीड़ितों को मोगा के सिविल अस्पताल में आईसोलेट कर दिया गया है और बाकी के 9 को भी फिलहाल सिविल अस्पताल में अलग रखा गया है।
पुलिस द्वारा सभी का यात्रा इतिहास चेक किया जा रहा है। अभी तक की पुलिस जांच में पता चला है कि यह लोग कुछ दिन पहले बठिंडा के गांव दयालपुरा समेत कोटकपूरा के गांव मल्ला में भी जाकर आए थे। इन जिलों की पुलिस भी संबंधित गांवों में इन लोगों के संपर्क में आए लोगों की पहचान करने में जुट गई है। एसएसपी ने बताया कि कोरोना पीड़ित मरीजों की उम्र 24, 25, 26 और 64 वर्ष है।
जानकारी के अनुसार मुस्लिम भाईचारे के 13 लोग 23 मार्च को मोगा के गांव चीदा में स्थित एक मस्जिद में आए थे। यह मुंबई के बांद्रा इलाके से 12 फरवरी को दिल्ली में तब्लीगी जमात में शामिल होने के लिए आए थे। इस दौरान घूमते घुमाते वह 22 मार्च को मोगा के गांव सुखानंद पहुंचे और फिर साथ लगते गांव चीदा में स्थित मस्जिद में रुक गए। कई दिन तक वह उसी मस्जिद में ही रहे। कर्फ्यू के हालात को मद्देनजर आसपास के लोगों को शक हुआ तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने सेहत विभाग की टीम के साथ चार अप्रैल की शाम को गांव चीदा की मस्जिद में दबिश की और सभी 13 लोगों को अपने साथ मोगा के सिविल अस्पताल में ले आई। इस दौरान जब उक्त लोगों ने सेहत विभाग की टीम के साथ दुर्यव्हार करने का प्रयास किया तो अस्पताल में पुलिस मुलाजिम तैनात कर दिए गए। चार अप्रैल को सभी के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए। मंगलवार को आई रिपोर्ट के अनुसार इसमें से चार पॉजिटिव निकले।
पठानकोट में कोरोना पॉजिटिव महिला के पति भी संक्रमित
जिले की पहली कोरोना संक्रमित मृतका राजरानी के पति, बहू और पोते समेत 6 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सेहत विभाग ने महिला के पति सहित 11 परिजनों और करीबी मिलाकर कुल 31 सैंपल 5 अप्रैल को अमृतसर भेजे थे। मंगलवार सुबह 11 लोगों की रिपोर्ट आई। इनमें राजरानी के पति प्रेम पाल, बेटे सुरेश, बहु प्रवीण, पोते ऋषभ, बहू ज्योति और पोते की सास जुगियाल निवासी प्रोमिला शर्मा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 5 सदस्यों के सैंपल दोबारा भेजे जाएंगे।
डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों को चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है, जबकि प्रेमपाल को सिविल अस्पताल एमसीएच बिल्डिंग के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। परिवार के आसपास रहते लोगों को उनके घरों में ही 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए बनाई हाइलेवल टीम की जांच में सामने आया है कि मृतका और उनके परिवार के संपर्क में 52 लोग आए थे। उनके सैंपल भी टेस्ट के लिए भेजे जा चुके हैं।
महिला तक कैसे पहुंचा वायरस, कोई सुराग नहीं
सुजानपुर के मोहल्ला शेखा निवासी राजरानी की मौत के बाद भी जिला प्रशासन यह पता नहीं लगा पाया कि महिला तक संक्रमण कैसे पहुंचा। जांच टीम का नेतृत्व कर रहे एडीसी अभिजीत कप्लिश का कहना है कि इस मामले की भी जांच की जा रही है, लेकिन महिला या उसके परिवार के विदेश यात्रा का इतिहास नहीं है। फिलहाल जांच जारी है।
मानसा के बुढलाडा में रुकी दो अन्य महिलाएं भी पॉजिटिव
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से लौटे मानसा के बुढलाडा में रुके 10 लोगों में से तीन पॉजिटिव मामले आने के बाद अब दो महिलाओं की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इन लोगों के संपर्क में आए चार व्यक्ति संदिग्ध हैं। जानकारी के अनुसार मानसा में स्थानीय लोगों में कोरोना का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है।
19 मार्च को दिल्ली से करीब 10 लोग बुढलाडा की मस्जिद में आकर रुके थे। कर्फ्यू लगने के बाद वह वहीं फंस गए। स्वास्थ्य विभाग ने जब इनकी जांच करवाई तो दो महिलाएं और एक पुरुष पॉजिटिव मिले। छह की रिपोर्ट निगेटिव आई। मंगलवार सुबह दो महिलाओं की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इनके संपर्क में आए 11 अन्य व्यक्तियों की जांच की गई। इसमें चार की रिपोर्ट संदिग्ध आई। विभाग ने दोबारा सैंपल भेजे हैं। वहीं बुढलाडा के वार्ड नंबर चार को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
मंगलवार को 7 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। यह सभी 7 कोरोना संक्रमित मामले एक ही गांव से सामने आए हैं। जिले की तहसील डेराबस्सी के गांव जवाहरपुर के कोरोना संक्रमित पंच और सरपंच के परिवार से ही 7 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 26 पर पहुंच गई है। इसके साथ ही मोहाली पंजाब में नंबर वन ऐसा जिला बना गया है जहां से सबसे ज्यादा कोरोना पीड़ित मरीज आए हैं। अकेले जवाहरपुर गांव से ही 4 दिन के भीतर 11 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके हैं।
मंगलवार की सुबह जिले के लिए बेचैन करने वाली रही, क्योंकि एक ही गांव से 7 लोगों के कोरोना संक्रमित मिलने से सेहत विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिले में एक दिन में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। पूरे गांव को सील कर दिया गया है। डीसी गिरीश दियालन और सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह पूरे अमले के साथ गांव जवाहरपुर पहुंचे। जवाहरपुर के सभी 522 घरों सहित पूरे गांव को आइसोलेट किया गया, इसके साथ ही सेहत विभाग ने गांव के सभी 2460 लोगों की जांच की।
सेहत विभाग ने मंगलवार को गांव के 114 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे। इसके अलावा गांव के कोरोना संक्रमित सरपंच के नजदीकी 4 लोगों के सैंपल भी भेजे गए हैं। यह लोग डेराबस्सी के शक्ति नगर के रहने वाले हैं। सोमवार को सेहत विभाग ने 24 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जिनमें से 7 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें पहले से ही कोरोना संक्रमित गांव के पंच के दो बेटे, भाभी, मां और भतीजे की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है।