जीएमएसएच-16 में गुरुवार को मलोया और मोहाली की कोरोना पॉजिटिव दो गर्भवतियों से जन्म लेने वाले दोनों नवजातों को उनसे अलग करके अन्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों बच्चों की माताओं के संक्रमित होने के कारण उन पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है, इसलिए उन्हें अलग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
गाइडलाइन के अनुसार चार दिन बाद उनका नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ मलोया निवासी कोरोना पॉजिटिव प्रसूता के संपर्क में आए मलोया में रहने वाले परिवार के तीन, कॉलोनी नंबर-4 में आठ लोगों को और कम्युनिटी कांटेक्ट में आए 35 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है।
एक मेड ने बढ़ाई मुसीबत
गुरुवार देर रात सेक्टर- 27बी के जिस घर में 35 साल की मेड में कोरोना की पुष्टि हुई। उसके संपर्क में उस घर के बाकी सदस्यों के अलावा कुल 122 लोगों की चेन बताई जा रही है। इसके अलावा बापूधाम में उसके कई रिश्तेदार रहते हैं। ऐसे में इन सभी लोगों को होम क्वारंटीन कर इनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। सेक्टर-27 बी के घर में काम करने वाली 35 साल की मेड कई अन्य घरों में सफाई का काम करती थी, जिसके कारण यहां कोरोना की चेन काफी बड़ी बताई जा रही है।
शामली के शख्स की कोरोना से मौत
उत्तर प्रदेश में शामली के गांव डांगरोल निवासी सुरेश पुत्र सुंदरा उम्र 40 वर्ष की पीजीआई चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई है। बताया जा रहा है कि कई दिन से उसे बुखार था। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने पर आराम न होने पर परिजनों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया था।
पीजीआई में यूपी का एक और संदिग्ध मरीज भर्ती
पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में यूपी के एक संदिग्ध समेत 6 मरीज भर्ती हैं। यूपी के मरीजों में एक शामली का और दूसरा सहारनपुर का है। शामली के मरीज की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। अन्य चार मरीज चंडीगढ़ के हैं। शहर में अब तक कोरोना के 21 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है। एक मरीज की मौत हो चुकी है।