कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया के लोग बैचेन हैं। लगातार आ रही भयावह खबरों से लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए पीजीआई ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, ताकि इसके माध्यम से लोग अपनी मानसिक समस्या का समाधान कर सकें। पीजीआई के हेल्पलाइन पर रोज लगभग 90 कॉल आ रही हैं।
इसमें मानसिक समस्या से लेकर खान-पान तक के सवाल पूछे जा रहे हैं। पीजीआई ने जवाब देने के लिए मनोरोग चिकित्सा के स्पेशलिस्ट को जिम्मेदारी दे रखी है। हेल्पलाइन से जुड़ीं एक डॉक्टर ने बताया कि उनसे लोग कोरोना के लक्षण, फैलने की वजह, और इससे बचाव के तरीके पूछते हैं। कुछ कॉलर यह भी पूछते हैं कि कोरोना के प्रकोप के दौरान क्या नींबू पानी पी सकते हैं? पड़ोस में लोग इकट्ठा हैं, क्या इससे भी कोरोना फैल सकता है।
क्या न्यूज पेपर को टच कर सकते हैं? कर्फ्यू कब तक लगा रहेगा। सब्जी को 48 घंटे पहले धोया था, क्या उसे खा सकते हैं। कोरोना वायरस की वैक्सीन कब तक आएगी? शहर के जिन डाक्टरों को क्वांरटीन किया गया है, क्या उनकी जानकारी मिल सकती है। ऐसे तमाम सवालों का पीजीआई के डाक्टर जवाब देते हैं। जब तक कॉलर की संतुष्टि न हो जाए, तब तक उसे समझाते रहते हैं।
पीजीआई से संबंधित पूछे जाते हैं सवाल
हेल्पलाइन पर लोग यह भी पूछते हैं कि पीजीआई की ओपीडी कब तक खुलेगी? डाक्टरों ने जो डोज दी थी, वह खत्म हो चुकी है, अब क्या करें? यदि पीजीआई में दिखाना हो तो क्या करना होगा। कीमोथैरेपी करवाने आ सकते हैं या नहीं। एआरटी सेंटर खुला है या नहीं। यदि अचानक से तबियत खराब हो जाए तो क्या करना होगा। ज्यादा बीमार होने पर क्या पीजीआई में दाखिल हो सकते हैं।
लोग ज्यादा घबराएं हुए हैं?
डॉक्टरों ने बताया कि जो कॉल आ रही हैं, उससे एक बात साफ है कि कोरोना से लोग चिंतित बहुत हैं। लोग घबराए हुए और तनाव में हैं। ऐसे लोगों को बताया गया है कि वे न्यूज चैनल और सोशल मीडिया की खबरें कम से कम देखें। अपने आपको व्यस्त रखें। अच्छी डाइट खाएं और घर पर ही एक्सरसाइज, योग व मेडिटेशन करें। सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें। दिन में कम से कम दस बार साबुन से हाथ जरूर धोएं।
आप भी कर सकते हैं कॉल
पीजीआई ने 0172-2755444 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके माध्यम से कोई भी शख्स कोरोना वायरस व मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सवाल पूछ सकता है। यह हेल्पलाइन सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक खुली रहती है। पीजीआई ने यह भी साफ किया है कि इस हेल्पलाइन पर कोरोना के इलाज और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए इसका इस्तेमाल न करें।