कोरोना से निपटने के लिए दिन रात कार्य कर रहे डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति हरियाणा सरकार ने अपनाई है। गृह विभाग के सचिव विजय वर्धन ने कहा कि केंद्र सरकार ने महामारी अधिनियम में संशोधन किया है, जिसके तहत उल्लंघनकर्ता को कम से कम छह महीनों की अवधि के लिए कारावास की सजा, जिसे सात वर्ष की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है।
एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है। जारी बयान में उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला नोडल अधिकारियों कोनियमित रूप से राज्य नोडल अधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य नोडल अधिकारी द्वारा पुलिस महानिदेशक के परामर्श से की गई कार्यवाही की रिपोर्ट (एटीआर) गृह विभाग को भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि निवारक उपायों और उक्त वर्णित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के बारे भारतीय चिकित्सा संघ के जिला चैप्टर सहित मेडिकल फ्रटर्निटी और लोगों को व्यापक जानकारी दी जानी चाहिए ताकि स्वास्थ्यकर्मियों में सुरक्षा एवं आत्मविश्वास की भावना जागृत हो सके। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा संघ के सदस्यों को नियमित रूप से किए गए कार्यों से अवगत कराया जाएगा।