लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को दी गई पुलिस सुरक्षा पंजाब सरकार ने वापस ले ली है। वहीं सुरक्षा हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए बैंस ने कहा कि मैं डरने वाला नहीं हूं। बैंस ने रविवार को पटियाला में पुलिस अफसरों पर हुए निहंगों के हमले का समर्थन किया। इससे उपजे विवाद के चलते उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस के चार जवानों को वापस बुला लिया गया है।
पटियाला में निहंग सिंह द्वारा पुलिस मुलाजिम का हाथ काटने के बाद लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख सिमरजीत सिंह ने निहंगों का पक्ष लिया था। इसके बाद मंगलवार को बैंस की सिक्योरिटी वापस ले ली गई। उनकी सुरक्षा में चार गनमैन तैनात थे, जो अब पुलिस लाइन में पहुंच चुके हैं। लेकिन उनके बड़े भाई विधायक बलविंदर सिंह बैंस की सुरक्षा वापस नहीं ली गई है।
वहीं सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में हाथ काटने वालों की प्रशंसा नहीं की थी, लेकिन सत्ताधारी उनके बयान का गलत तरीके से प्रचार कर रहे हैं। कर्फ्यू शुरू होने के बाद पुलिस ने लोगों पर लाठियां भांजी, वह उस संदर्भ में कह रहे थे कि पुलिस के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ा है। ऐसी कई वीडियो सीएम और डीजीपी पंजाब को शेयर भी की थी। मेरी सिक्योरिटी वापस ले ली गई है।
एक बात साफ कर दूं कि आज तक मैंने गनमैनों के दम पर राजनीति नहीं की है, जो पर्चा देने की बात कर रहे हैं। उनकी इस बात से मैं डरने वाला नहीं हूं। जो भ्रष्ट पुलिस अफसर हैं, उनके खिलाफ बोला हूं और आगे भी बोलता रहूंगा। ईमानदार पुलिस अधिकारियों की तारीफ की है और करता रहूंगा। मेरी सुरक्षा में तैनात मुलाजिमों को फोन आया था कि वह तुरंत पुलिस लाइन में रिपोर्ट करें।
इसके तुरंत बाद मैंने पुलिस कमिश्नर और डीजीपी को मैसेज करके पूछा था कि आखिरकार किस आदेश के तहत सुरक्षा वापस ली गई है, उसकी कॉपी मुझे भेजी जाए। किसी अधिकारी ने मेरी बात का जवाब नहीं दिया है। बैंस ने कहा कि सीएम ने ऑल पार्टी बैठक बुलाई है, उसमें भी मुझे बुलाया नहीं गया है क्योंकि सिटी सेंटर मामले को लेकर वह आज भी खड़े हैं। सीएम को यही बात खटक रही है।
मंत्रियों ने विरोध जताते हुए माफी की मांग की थी
बता दें कि बैंस ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में पटियाला हमले को पुलिस की सख़्ती के विरुद्ध सार्वजनिक प्रतिक्रिया करार दिया था। सोमवार को कैबिनेट मंत्रियों ने कड़ा विरोध करते हुए बैंस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मंत्रियों ने बैंस की आलोचना करते हुए कहा था कि अगर बैंस को पुलिस पर भरोसा नहीं तो वे मिली हुई पुलिस सुरक्षा वापस लौटा दें।
मंत्रियों ने बैंस से ऐसे नाजुक समय में घटिया प्रचार करके राजनीति करने के लिए माफी मांगने की मांग भी की, क्योंकि पूरी पंजाब पुलिस फोर्स कोरोना महामारी फैलने के मद्देनजर आए संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा रही है और जरूरतमंदों को राहत प्रदान करने में लगी है।
गौरतलब है कि हमले में एएसआई हरजीत सिंह का हाथ काट दिया गया था और तकरीबन 8 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद प्लास्टिक सर्जरी की गई। मंत्रियों ने मांग की है कि बैंस पर तुरंत महामारी रोग अधिनियम, 1897 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के साथ-साथ आईपीसी की धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज किया जाना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंदर सिंगला और अरुणा चौधरी ने बैंस की भड़काऊ और घटिया टिप्पणियों के लिए निंदा करते हुए कहा कि अगर पंजाब पुलिस पर विश्वास नहीं हो तो उन्हें अपने लिए पुलिस का सुरक्षा प्रबंध छोड़ देना चाहिए।