अच्छी बात यह रही कि केवल नूंह जिले को छोड़कर प्रदेश के अन्य किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की कोई घटना सामने नहीं आई। हां, कई जगहों पर अल्पसंख्यकों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई। जिस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 89 से अधिक ज्ञात व अज्ञात पर 19 एफआईआर दर्ज की। अभी तक 28 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
कई बार, कई जगह और कई लोगों को पुलिस का ये सख्त रवैया नागवार भी गुजरा। मगर हरियाणा पुलिस के आला अधिकारी का कहना है कि पुलिस की सख्ती खुद पुलिस के लिए नहीं, बल्कि हरियाणा के लोगों के बीच इस खतरनाक संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए की जा रही है। खैर, बुधवार 15 अप्रैल से लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। हरियाणा सरकार भी तैयार है और पुलिस भी।
कोरोना से निपटने के लिए अब जन आंदोलन की आवश्यकता है। आज पूरी दुनिया इससे जूझ रही है। सिविल व पुलिस प्रशासन इस बीमारी से अकेले नहीं निपट सकता, जब तक जनता इसमें पूरा साथ न दे। चूंकि इस खतरनाक बीमारी को रोकना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए आने वाले दिनों में भी सभी एकजुटता, संयम और अनुशासन के साथ सरकार व पुलिस का सहयोग करते हुए कोरोना के संक्रमण से बचे रहने के लिए लाकॅडाउन व सामाजिक दूरी का पूर्णत: पालन करें। जरूरत पड़ी तो पुलिस सख्त भी दिखेगी। - मनोज यादव, डीजीपी