शब-ए-बारात को लेकर चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट
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शब-ए-बारात को लेकर चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। मुस्लिम धर्मगुरु ने लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने की अपील की है। मुस्लिम समुदाय की ओर से 9 अप्रैल को शब-ए-बारात हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इसी बीच शहर में चल रहे कर्फ्यू को इसे देखते हुए एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने सेक्टर-20 की जामा मस्जिद पहुंचकर मुस्लिम समुदाय के धर्म गुरुओं के साथ बैठक की।
एसएसपी के साथ सीआईडी डीएसपी रामगोपाल, डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क भी मौजूद रहे। बैठक में सेक्टर-20 की जामा मस्जिद के मौलाना अजमल खान, मनीमाजरा की जामा मस्जिद के मौलाना इमरान, बापूधाम-26 स्थित मस्जिद के मुफ्ती अनस, सेक्टर 45 मस्जिद के कारी शमशेर और तब्लीगी जमात के नूर ने हिस्सा लिया।
शहर में कर्फ्यू लगा, इकट्ठा होने से बचें
एसएसपी ने बैठक में कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने से शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है। इस वजह से आप लोग इकट्ठा होने से बचें। इसके साथ शब-ए-बारात में मुस्लिम भाईचारे से अपील करें कि मस्जिदों में इकट्ठे न हों। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने तय किया कि शब-ए-बारात को घर में ही रहकर मनाया जाएगा।
मौलाना अजमल खान ने 9 अप्रैल को सब-ए-बरात अपने घर पर रह कर मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में प्रशासन के आदेश के अनुसार शहर की सभी मस्जिदें बंद हैं, इसलिए प्रशासन के आदेश और कानून को मानते हुए सभी लोग सब-ए-बारात की नमाज अपने घरों में अदा करें।
उन्होंने शहर में तब्लीगी जमात के लोगों से भी अपील की है कि वह डरें नहीं, घर से निकलकर पुलिस से संपर्क करें। इस महामारी को हराने में पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोग करें और अपना टेस्ट करवाएं। एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने कहा कि दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात में शामिल होने वाले 15 लोगों के टेस्ट निगेटिव आए हैं, यह शहर के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि बचे हुए लोग भी सामने आएं और इस महामारी को हराने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें।
मुस्लिम समुदाय के लोगों से कब्रिस्तान न जाने की अपील
मुस्लिम समाज से जुड़े धर्मगुरुओं ने शब-ए-बारात पर लोगों से कब्रिस्तान न जाने की अपील की है। जामा मस्जिद सेक्टर-20 के इमाम व खतीब मौलाना अजमल खान, सेक्टर-26 स्थित नूरानी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी, मनीमाजरा मस्जिद के मौलाना इमरान और सेक्टर-45 के कारी शमशेर ने मुसलमानों से अपील की है कि 9 अप्रैल को शब-ए-बारात के दिन घर में ही में रहकर इबादत करें। कब्रिस्तान न जाएं।
इन धर्मगुरुओं का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन है। साथ ही चंडीगढ़ में कर्फ्यू भी लगा है। ऐसे में प्रशासन की मदद करें और बाहर निकलें। साथ ही धर्मगुरुओं ने यह भी कहा कि जिस तरह मस्जिदों में पांच वक्त की नमाज पढ़ने से परहेज कर रहे हैं। जुमा की नमाज घर पर ही पढ़ रहे हैं। उसी तरह शब-ए-बारात के दिन भी घर पर ही रहकर इबादत करें।
नूरानी मस्दिज के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने बताया कि कोरोना वायरस इस वक्त एक वैश्विक समस्या बना हुआ है। दुनिया के सारे देश इससे पीड़ित हैं। भारत में भी यह महामारी फैल कर बहुत सारे लोगों की जान ले चुकी है। इसलिए अपने और अपने समाज के और अपने देश में बसने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतना मेडिकल गाइडलाइंस के मुताबिक हर तरीके से आवश्यक है।
लिहाजा ट्राइसिटी के तमाम मुसलमान भाइयों से अपील की जाती है कि 9 अप्रैल (जुमेरात) को शब-ए-बारात के मौके पर भी अपने अपने घरों में रहकर इबादत और दुआएं करें। धर्मगुरुओं का कहना है कि शब-ए-बरात के दिन घर पर ही रहकर अल्लाह की इबादत और कुरान की तिलावत कर इस दुनिया से रुखसत हो जाने वाले रिश्तेदारों को सवाब पहुंचाएं। अगले दिन 10 अप्रैल को रोजा रखकर अल्लाह से या दुआ मांगी जाए कि हमारा देश, सारी दुनिया और सारे इंसान इस महामारी से जल्द ही छुटकारा पाए।