पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान, गांवों की शामलात जमीनों की हर साल होने वाली खुली बोली के लिए इस साल चरमबद्ध बोली का कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए, ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों की यथावत पालन हो सके।
उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से हर साल 1.40 लाख एकड़ पंचायती जमीन की बोली करवाई जाती है। पंचायत मंत्री ने लोगों से अपील की कि सिर्फ बोलीकर्ता ही बोली में भाग लें और अतिरिक्त लोग इस मौके पर एकत्र न हों। उन्होंने इसके साथ ही विभाग के अधिकारियों को भी बोली करवाने के मौके पर पूरे एहतियात बरतने के लिए योग्य कदम उठाने के लिए निर्देश दिए।
मंत्री ने विभागीय पदोन्नितयों के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मीटिंगें करने की देते हुए कहा कि कर्फ्यू विभागीय तरके लिए रुकावट नहीं बनना चाहिए। तृप्त बाजवा ने मनरेगा कामगारों की बकाया अदायगी भी तुरंत करने के लिए विभाग के अधिकारियों को हिदायतें जारी की।
गांवों में गैरजरूरी आवाजाही न होने दें लोग
पंचायत मंत्री ने पंचायतों द्वारा गाँवों को कोरोना से बचाने के लिए किए जा रहे कामों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायतें गांवों को इस महामारी से बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अनावश्यक आवाजाही न होने देेें और लोगों से अपील की कि आपसी संपर्क से बचा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले को सहजता से हल किया जाए और तकरार से बचा जाए।
हर गांव में लगे 550 पौधों की मनरेगा के तहत देखभाल
पंचायत मंत्री ने श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें जन्म समारोह के मौके पर हर गांव में लगाए गए 550 पौधों की संभाल के लिए पंचायत विभाग के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि मनरेगा के जरिये इन पौधों की देखरेख की जाए और एक भी पौधा देखरेख के अभाव से सूखने न पाए।
सामाजिक पेंशन और मनरेगा के लिए 479 करोड़ रुपये जारी
पंजाब सरकार ने कोविड -19 के मद्देनजर मंगलवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशनरों के लिए 183 करोड़ रुपये, मनरेगा से संबंधित अदायगियों के लिए 296 करोड़ रुपये और निर्माण कामगारों को दी जाने वाली विशेष सहायता की दूसरी किस्त के रूप में 89 करोड़ रुपये जारी किए।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा की पेंशनों का फायदा 24.69 लाख को होगा, जिनमें बुजुर्ग, विधवाएं और दिव्यांग शामिल हैं। वित्त विभाग द्वारा मनरेगा के तहत 296 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिनमें से 71 करोड़ रुपये सामान के लिए और 225 करोड़ रुपये 1.30 लाख वर्करों के दिहाड़ियों के लिए हैं।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा वित्त वर्ष में ग्रामीण नौकरी कार्ड होल्डरों को बढ़े हुए लाभ प्रदान करने के लिए मनरेगा वर्करों की दिहाड़ी 241 रुपये से बढ़ाकर 263 रुपये की गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि 2.98 लाख रजिस्टर्ड निर्माण कामगारों को तीन-तीन हजार की वित्तीय सहायता देने के लिए श्रम विभाग के लिए 89 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इससे पहले श्रम विभाग 22 मार्च को भी पंजाब निर्माण और अन्य निर्माण कामगार वर्कर कल्याण बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड 2.86 लाख निर्माण कामगारों को डीबीटी के जरिये 86 करोड़ रुपये अदा कर चुका है।
पंजाब मंडी बोर्ड का 30 सदस्यीय कंट्रोल रूम स्थापित
पंजाब सरकार ने 15 अप्रैल को शुरू हो रही गेहूं की कटाई और इसकी खरीद में तालमेल कायम करने के लिए मंडी बोर्ड का 30 सदस्यीय कंट्रोल रूम स्थापित किया है ताकि कोविड -19 के कारण कर्फ्यू के मद्देनजर खरीद कार्यों में कोई बाधा न आए।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को खाद्य एवं सिविल सप्लाई, कृषि, पुलिस और अलग-अलग विभागों के सीनियर अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रबी के मंडीकरण सीजन के लिए प्रबंधों का फिर जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर पंजाब सरकार के बारदाने के बकाया आर्डर पूरे करने के लिए जुट मिलों को फिर चलाने व लोडिंग में निजी दख़ल की मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में केंद्र पूल के लिए गेहूं की निर्विघ्न खरीद और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट और अन्य सार्वजनिक कल्याण स्कीमों के अंतर्गत लोगों को बांटना यकीनी बनाने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2019 से मार्च 2020 तक 3.40 लाख जूट का ऑर्डर कर दिया गया और जूट कमिश्नर ऑफ इंडिया कोलकाता के खाते में 1000 करोड़ रुपये पहले ही ट्रांसफर कर दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग को आढ़तियों को 48 घंटों के अंदर खरीद की अदायगी करने और आगे किसानों को दो दिनों के अंदर अदायगी यकीनी बनाने के निर्देश दिए।
सहकारी सभाओं के सदस्य पिछले साल की तरह ले सकेंगे अल्पावधि ऋण
कोविड-19 के संकट और कर्फ्यू की बंदिशों के चलते पंजाब की सहकारी सभाओं के सदस्यों को राहत देते हुए सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एलान किया है कि सदस्यों को इस साल भी अल्पावधि ऋण पिछले वित्त वर्ष के नियमों के अनुसार ही मिलेंगे। इस फैसले से, सदस्यों को कोई प्रस्ताव या दस्तावेज बंदिशों के जारी रहने तक जमा नहीं करवाना पड़ेगा।
सहकारिता मंत्री के निर्देश पर सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार द्वारा अल्पावधि फसलीय ऋण (अल्पावधि ऋण) के लिए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए निर्धारित किए वित्तीय नियम (स्केल ऑफ फाइनेंस) मौजूदा साल 2020-21 तक बढ़ाने संबंधी पत्र भी जारी कर दिया गया है। रंधावा ने बताया कि सहकारी सभाओं के सदस्य 2019-20 की तरह ही मौजूदा वित्त वर्ष में अल्पावधि ऋण हासिल कर सकेंगे बशर्ते उन्होंने पिछले वित्त वर्ष में जमीन खरीदी या बेची न हो, इस बारे में उन्हें लिखकर देना होगा। ऐसे सदस्यों की लिमिट उनकी जमीन के अनुसार दोबारा बनाई जाएगी।
केंद्रीय सहकारी बैंकों भी पिछले रिकार्ड के अनुसार देंगे ऋण
केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा सहकारी कृषि सेवा सभाओं के सदस्यों को कर्ज की एडवांसमेंट, सभाओं द्वारा पहले दिए गए दस्तावेजों के आधार पर ही की जाएगी और लॉकडाउन / कर्फ्यू के हटने के बाद इस संबंध में जरूरी प्रस्ताव सभाओं से प्राप्त किए जाएंगे। सहकारिता मंत्री ने आगे बताया कि पट्टे पर ली गई जमीन पर उगाई जाने वाली फसलों के लिए फसली कर्ज संबंधी विभाग द्वारा जारी की गई पहली हिदायतें लागू रहेंगी।
पशु पालन विभाग के फील्ड स्टाफ का भी होगा बीमा : तृप्त बाजवा
पंजाब के पशु पालन एवं डेयरी विकास मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने कहा है कि पंजाब से दूध, अंडे और मुर्गे-मुर्गियों की सप्लाई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के लिए शुरू कर दी गई है। बाजवा ने यह जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ की गई मीटिंग के बाद दी।
बाजवा ने बताया कि पोल्ट्री कामगारों को फीड बनाने के लिए खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग द्वारा पहली किस्त के तौर पर 3000 टन गेहूं 1987 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मुहैया करवाने का फैसला किया गया है, जिसकी सप्लाई जल्द ही शुरू हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि फीड के लिए पोल्ट्री कामगारों से डिमांड प्राप्त की गई है, जिसके चलते गेहूं की पहली किस्त की सप्लाई शुरू की जा रही है। पशु पालन मंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि मछली पालकों को अपेक्षित मछली पूंग समय पर मुहैया करवाया जाए ताकि वह अपना धंधा जारी रख सकें।
अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि मछली पालकों को सप्लाई के लिए अपेक्षित पूंग विभाग के मछली फार्मों पर उपलब्ध है, जिसकी सप्लाई ट्रांसपोर्ट का प्रबंध करके मछली पालकों को उनके फार्मों पर ही की जाएगी। उन्होंने विभाग के प्रमुख सचिव को हिदायत की कि पशु पालन विभाग के डॉक्टरों, इंस्पेक्टरों और फील्ड स्टाफ के लिए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की तर्ज पर 50 लाख रुपये का बीमा करवाने के लिए अपेक्षित कार्रवाई की जाए।
सेवा की मिसाल बने अफसरों-मुलाजिमों का करेंगे सम्मान : कांगड़
कोविड-19 ने सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में ऐसा संकट पैदा कर दिया है कि इस महामारी के कारण मरने वाले व्यक्ति को उसके प्रियजन भी मुखाग्नि देने के लिए आगे नहीं आ रहे। इन मृतकों की अस्थियां लेने भी परिवार के लोग नहीं पहुंच रहे। ऐसे हालात में पंजाब राजस्व विभाग के मुलाजिमों और अधिकारियों ने सेवा की नई मिसाल कायम की है।
उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी समाप्त होने के बाद उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। राजस्व विभाग के मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने मंगलवार को प्रेस बयान जारी कर कहा कि आज जब लोग कोरोना वायरस के कारण मौत का शिकार हुए अपने सगे-संबंधियों को हाथ लगाने से भी गुरेज कर रहे हैं, राजस्व विभाग के पटवारियों, कानूनगो, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, रजिस्ट्रारों द्वारा ‘श्रवण पुत्र’ की तरह सेवा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी उनसे बातचीत के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। कांगड़ ने कहा कि लुधियाना और अमृतसर राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोरोना के कारण मारे गए लोगों का विधिवत अंतिम संस्कार करके जो मिसाल कायम की है, उनसे विभाग की छवि को और चमकाया है।