कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए चंडीगढ़ के फॉरेस्ट एरिया में भी रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जंगली जानवरों में संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए शहर के 4 फॉरेस्ट एरिया में कर्मचारियों की भी एंट्री बैन कर दी गई है। इसके साथ ही मिनिमम स्टाफ कर दिया गया है। अब 10 प्रतिशत कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।
यह आदेश अब वन विभाग की ओर से जारी किया गया है। चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यूटी के फॉरेस्ट एरिया में रहने वाले जंगली जानवरों को बचाने के लिए वन विभाग ने रेड अलर्ट कर दिया है। संक्रमण से जंगल सुरक्षित रहे, इसे लेकर अब विभागीय कर्मचारियों की भी इंट्री बैन कर दी है।
बहुत ही आवश्यकता पड़ने पर फॉरेस्ट एरिया में कर्मचारियों की एंट्री दी जाएगी। शहर के चार प्रमुख फॉरेस्ट एरिया सिटी फॉरेस्ट, सुखना सेंचुरी, बोटेनिकल गार्डन और बटर फ्लाई पार्क में एंट्री गेट पर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए नोटिस लगा दिए गए हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था अग्रिम आदेश तक जारी रहेगी।
तेंदुआ सहित और भी हैं जंगली जानवर
चंडीगढ़ के फॉरेस्ट एरिया में तेंदुआ सहित कई अन्य जंगली जानवर रहते हैं। इनमें नीलगाय, सांभर, चीतल, पार्किपाइन, पेंगुलिन, पाइथन आदि शामिल हैं। जानवरों के अलावा हजारों की संख्या में विभिन्न प्रजाति के पक्षी भी जंगलों में निवास करते हैं, जिनको देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी आते हैं।
जानवरों में तेजी से फैलता है संक्रमण
पशु विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस का संक्रमण जानवरों में तेजी से फैलता है। विशेषज्ञों ने बताया कि हाल ही में यूएसए में एक टाइगर में कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस टाइगर की उम्र चार साल बताई जा रही है। न्यूयार्क सिटी स्थित ब्रोनेक्स जू में यह टाइगर रहता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद टाइगर को एहतियातन अन्य जानवरों से अलग रख दिया गया है। चंडीगढ़ में भी इसी को लेकर एहतियातन यह कदम उठाए गए हैं।