पंजाब पुलिस ने कोविड-19 संकट के मद्देनजर सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने और फर्जी खबरों के कारण पैदा होने वाले दहशत के माहौल से निपटने के लिए राज्य में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस तरह के मामलों में अब तक 34 केस दर्ज किए गए हैं जबकि सोशल मीडिया पर राज्य में शांतिभंग करने के इरादे से एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की गई है। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि 21 मार्च से 6 अप्रैल के बीच दर्ज 34 मामलों में से 27 मामले वाट्सएप संदेश और गलत जानकारी प्रचार करने से संबंधित हैं।
सोशल मीडिया के जरिये सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की कोशिशें करने वालों के खिलाफ भी पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को एक लुधियाना निवासी के विरुद्ध देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। सामने आए प्रमुख मामले में एक लुधियाना निवासी का है, जो फेसबुक पोस्ट के जरिये लोगों को गंभीर डॉक्टरी उपकरणों की उपलब्धता संबंधी गुमराह करने और राज्य सरकार के विरुद्ध भडक़ाने की कोशिश कर रहा था। उक्त व्यक्ति के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।
डीजीपी ने बताया कि फर्जी टिक-टॉक वीडियो, निरर्थक ऑडियो संदेश, भड़काऊ और झूठी खबरें फैलाने की कोशिशों पर पंजाब पुलिस द्वारा तीखी नजर रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि डीजीपी ने इस महीने के शुरू में एडीजीपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया था, जिससे लॉकडाउन के दौरान लोगों को प्रभावित करने वाली झूठी खबरें या अफवाहों संबंधी किसी भी घटना की जांच करने के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निगरानी की जा सके।
डीजीपी ने कहा कि फर्जी और निराधार सूचना, जो लोगों में अनावश्यक घबराहट और मुश्किलें पैदा कर सकती है, फैलाकर मौजूदा हालात का फायदा उठाने की किसी भी कोशिश पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वह गलत जानकारी और सोशल मीडिया पोस्टों के द्वारा घबराहट या बेचैनी पैदा न करें।
17 दिनों में सोशल मीडिया पर चले ऐसे-ऐसे फर्जी संदेश
17 दिनों के दौरान दर्ज किए कुछ प्रमुख मामलों की जानकारी देते हुए डीजीपी ने बताया कि फर्जी वीडियो और कोरोना वायरस के कारण किसी व्यक्ति की मौत संबंधी झूठे ऑडियो संदेश फैलाने और ग़ैर-कानूनी खबरें फैलाकर दहशत का माहौल पैदा करने वालों के विरुद्ध संगरूर में 5 और बठिंडा में 4 मामले दर्ज किये गए।
पटियाला में फौज की तैनाती संबंधी झूठी खबरें फैलाने के लिए एक एफआईआर दर्ज की गई। अमृतसर ग्रामीण पुलिस द्वारा एक शिवसेना नेता को अपनी फेसबुक पोस्ट द्वारा सांप्रदायिक भावनाएं भडक़ाने की कोशिश में गिरफ़्तार किया गया है। गुज्जर समुदाय से दूध न खरीदने की घोषणा करने संबंधी गांव दालम के ग्रंथी के ख़िलाफ़ पुलिस थाना किला लाल सिंह जिला बटाला में एफआईआर दर्ज की गई है।
आदमपुर में एक व्यक्ति के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है, जिसने कोविड-19 से सुरक्षित होने का दावा किया और लोगों को इस जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए प्याज के साथ पानी पीने को कहा था। इनके अलावा, अफ़वाहें फैलाने संबंधी तीन मामले लुधियाना, श्री मुक्तसर साहिब और जालंधर में दर्ज किए गए हैं। होशियारपुर, मोगा, फरीदकोट, मोहाली और शहीद भगत सिंह नगर में भी एक-एक मामला दर्ज किया गया है। फतेहगढ़ साहिब और अमृतसर में दो -दो मामले दर्ज किये गए हैं।