कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सेक्टर-51 मॉडल जेल प्रशासन ने पैरोल पर छोड़े जाने वाले 190 कैदियों की संख्या बढ़ाकर 327 कर दी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को एक और मंगलवार को 6 कैदियों को पैरोल पर भेजा गया, जबकि 14 कैदियों के पैरोल को आगे और बढ़ा दिया गया। अब पैरोल पर जाने वाली कैदियों की संख्या 21 हो गई है।
जेल अधिकारियों के अनुसार, बाकी के 301 कैदियों को रोजाना थोड़े-थोड़े कर पैरोल पर छोड़ा जा रहा है। ध्यान रहे कि इससे पहले 23 और फिर 40 विचाराधीन कैदियों को 60-60 दिन के अंतरिम जमानत पर छोड़ा जा चुका है। बताया गया कि पैरोल पर छोड़े जाने वाले ज्यादातर कैदी चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से हैं। इनमें ज्यादातर चोरी, मारपीट, धोखाधड़ी, स्नैचिंग, सहित अन्य धाराओं में बुडै़ल जेल में सजा काट रहे हैं।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जेल प्रशासन ने फैसला किया कि इन कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाएगा, जिसके बाद जेल प्रशासन ने लिस्ट बनाकर इन सभी कैदियों को छोड़ने की पूरी तरह तैयारी कर चुकी है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने पोक्सो एक्ट, एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराध की धाराओं में सजा काट रहे कैदियों को नहीं छोड़ने का फैसला लिया है।
140 कैदी काफी समय से काट रहे हैं सजा
जेल अधिकारियों के अनुसार कुल 327 कैदियों में करीब 140 कैदी ऐसे हैं, जो काफी समय से बुडैल जेल में सजा काट रहे हैं, जबकि बाकी के कैदी कुछ समय पहले ही बुडै़ल जेल में आए हैं। ये सभी कैदी ज्यादातर नॉर्मल धाराओं के तहत सजा काट रहे हैं। हाल ही में 14 कैदियों को 40 दिन के पैरोल पर भेजा गया था।
जेल प्रशासन कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता है, इसलिए कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण व अन्य कैदियों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी का पैरोल 20-20 दिन तक बढ़ा दिया है। बता दें कि मॉडल जेल में विचाराधीन समेत करीब 1100 कैदी बंद हैं। सवाल यह है कि अगर कोई कोरोना वायरस का संदिग्ध पाया जाता है तो जेल प्रशासन को इन कैदियों को रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
बैरकों में कैदियों को अलग-अलग किया गया
जेल में विचाराधीन समेत 1100 कैदियों में लगभग 50 महिला कैदी शामिल हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जेल के डॉक्टरों टीम भी पूरी तरह अलर्ट पर है। डॉक्टरों की टीम कैदियों को रोजाना कोराना वायरस से बचने के टिप्स दे रही है। बताया गया कि बुड़ैल जेल के अलग-अलग बैरक में करीब 5 से 10 कैदियों को रखा गया है। सुविधा अनुसार इन बैरकों से कैदियों को कम ज्यादा किया जा रहा है।
सीसीटीवी से कैदियों पर निगरानी
जेल अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी कैमरों से कैदियों पर निगरानी की जा रही है। कैंटीन, किचन, बैरक समेत अन्य जगहों पर सैनिटाइजर रखा गया है। डॉक्टरों की टीम कैदियों को हिदायत दे रही है कि वह एक-दूसरे से हाथ न मिलाएं, हमेशा मास्क पहनकर रखें। जेल में जगह-जगह कोरोना वायरस टिप्स के पोस्टरों को चस्पाया गया है, जिससे कोरोना वायरस के प्रति कैदियों में जागरूकता फैले।
जेल में मास्क बनाकर कैदी कमा रहे हैं पैसे
जेल प्रशासन पुरुष और महिला कैदियों से मास्क बनवा रहा है। मास्क बनाने के एवज में कैदियों को पैसे भी दिए जाते हैं। कैदियों के बनाए मास्क को जेल प्रशासन ने पीजीआई में सैंपलिंग के लिए भेजा, जहां डॉक्टरों से अप्रूवल मिलने के बाद फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट, पुलिस विभाग, स्टेट ऑफिस समेत अन्य सरकारी विभागों को दिया जा रहा है। कैदियों द्वारा बनाया गया मास्क थ्री लेयर का बताया जा रहा है। कॉटन से बने इन मास्क को दोबारा धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने को पैरोल पर छोड़ने के लिए 327 कैदियों की लिस्ट बनाई गई है। अब तक 21 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया है, जबकि अन्य कैदियों को छोड़ने की तैयारी चल रही है।
- अमनदीप सिंह, जेल सुपरिंटेंडेंट, चंडीगढ़