पानीपत के गांव गढ़ी नूरपुर निवासी शिवचरण के भाई रमेश ने बताया कि वह चार भाई हैं। सबसे बड़ा भाई शिवचरण था जो गांव में किराने की दुकान चलता था। उसके एक लड़का और दो लड़कियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। शिवचरण को दो साल पहले हार्ट अटैक आया था जिसके बाद उसका ऑपरेशन कराया गया था। कुछ दिनों से उसे लीवर में तकलीफ थी।
इस कारण उसे पहले तो पानीपत के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया। इसके बाद परिजन उसे पानीपत में ही एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गये। वहां से उसके भाई को रेफर कर दिया गया तो वह एक अप्रैल को अपने भाई को मेडिकल कॉलेज करनाल लेकर आया था। चार अप्रैल को डॉक्टर ने उन्हें कहा कि शिव चरण में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो इसे आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कराना पड़ेगा। तभी से उसका भाई आइसोलेशन वार्ड में दाखिल था।
शिव चरण ने मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड से भागने का प्रयास किया था। इस कारण वह छठी मंजिल से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। शिव चरण की कोरोना वायरस की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उसका पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है और संस्कार भी करा दिया है। -संजीव गौड़, सिविल लाइन थाना प्रभारी करनाल।