स्पेन में कोरोना के एक मरीज को अस्पताल ले जाते स्वास्थ्य कर्मी।
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भारत से आ रही खबरें हमें चिंतित करती हैं। हम चैनल्स पर देखते हैं कि लोग कैसे झुंड बनाकर बाजारों में जा रहे हैं। सड़कों पर टहल रहे हैं। लॉकडाउन की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकार के दिशा निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। शुरुआत में स्पेन में भी लोगों ने यही किया था। कोरोना वायरस को बहुत हल्के में लिया। और जब तक सरकार जागी तब तक हजारों लोग मौत की नींद सो चुके थे। हालात की गंभीरता को भांपते हुए सरकार ने कंप्लीट लॉकडाउन का एलान कर दिया। नागरिकों से घर से बाहर न निकलने की अपील की।
तारीफ करनी होगी स्पेनिश नागरिकों की, जिन्होंने पूरी शिद्दत से तमाम निर्देशों का पूरी तरह पालन किया। लोग खुद ही क्वारंटीन हो गए। जरूरत की वस्तुएं सरकार की ओर से लोगों के घरों में पहुंचाई गईं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए। मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। दिन में पुलिस की गाड़ियां लोगों से घरों में रहने की अपील करते हुए घूमती रहीं। नागरिकों ने भी संयम दिखाया और बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकले। पूरा एहतियात बरतते हुए। फिजिकली दूरी कायम रखी गई। मैं यहां होटल एंड रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़ा हूं। होटल के ऊपर ही मेरी रिहायश है।
सारे कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई। मैं नीचे जाता था और जरूरत भर का खाना तैयार कर ऊपर आ जाता था। हमेशा सैनिटाइजर की बोतल अपने साथ रखता था। किसी भी वस्तु को छूने के बाद फौरन सैनिटाइजर से हाथ साफ करता था। एक महीने तक सड़क पर नहीं निकला। पूरी तरह घर में कैद रहा। स्पेन के नागरिकों ने ऐसा ही किया। इसका नतीजा यह रहा कि अब स्पेन में काफी हद तक कोरोना पर काबू पा लिया गया है। लगातार केस घट रहे हैं। रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने के लिए अब कुछ छूट भी दे दी गई है। लोग जाते हैं और सामान खरीदकर घर लौट आते हैं। इसके बाद लॉकडाउन का पालन करते हैं।
स्पेन ने जो गलती की वह आप न करें
स्पेन में कानून बहुत सख्त है। लोग खुद ही कानून का सम्मान करते हैं। यहां कानून का पालन कराने के लिए भारत की तरह लोगों पर डंडे बरसाने नहीं पड़ते। इसका उदाहरण है कि लॉकडाउन लगते ही स्पेन के नागरिक खुद ही अपने घरों से बाहर नहीं निकले। घरों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। लेकिन भारत के लोग जिस तरह से लॉकडाउन का मजाक बना रहे हैं, यह बेहद घातक है। इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
विचलित करती हैं पुलिसवालों-डॉक्टरों पर हमले की खबरें
जिस तरह से भारत में पुलिसवालों ओर डॉक्टरों पर ही हमले किए जा रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। पंजाब के पटियाला में कुछ निहंगों ने एक पुलिस ऑफिसर का हाथ तलवार से काट दिया। क्या इसलिए कि वह पुलिसकर्मी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहा था। इंडियंस को यह समझना चाहिए कि भारत की सरकार ने लॉकडाउन का जो निर्णय लिया है, वह करोड़ों देशवासियों के हित में है।
पुलिसकर्मी और डॉक्टर असली फाइटर्स हैं, जो कोरोना और आपके बीच ढाल बनकर खड़े हैं। इनका साथ दें। ऐसी खबरें हमें यहां विचलित करती हैं। हम यही विनती कर सकते हैं कि कोरोना को घर में रहकर ही रोका जा सकता है। इसलिए आप घर में रहें। अपने लिए, अपनों के लिए।