स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू
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पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडूचेरी के स्वास्थ्य मंत्रियों ने गुरुवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए अपने-अपने राज्यों में अपनाए गए तरीकों को साझा किया। मंत्रियों ने अपने राज्यों की रणनीति सामने रखी और कोरोना के मामलों में विस्तार को देखते ट्रेसिंग और टेस्टिंग को बढ़ाने की जरूरत पर सहमति जताई।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने अन्य मंत्रियों को अवगत करवाया कि पंजाब ने जरूरी मशीनों की खरीद के साथ टेस्टिंग क्षमता को दस गुणा बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10 लाख लोगों की स्क्रीनिंग करने के उद्देश्य से रैपिड टेस्टिंग मुहिम शुरू करने का फैसला लिया है। इसके अलावा पंजाब कैबिनेट की तरफ से 10 लाख रैपिड टेस्टिंग किट (आरटीके) खरीदने की मंजूरी मिलने के बाद आईसीएमआर को एक लाख किटों का आर्डर दे दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पटियाला और अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वायरल रिसर्च डायगनोस्टिक लैब (वीआरडीएल) की टेस्टिंग क्षमता बढ़ाई गई है। इसके अलावा भारत सरकार से जीएमसी फरीदकोट, डीएमसी और सीएमसी लुधियाना में टेस्टिंग के लिए मंजूरी मांगी गई है। सिद्धू ने बताया कि लुधियाना में पीपीई किट बनाने का काम किया जा रहा है। इसके एक बार चालू होने से न सिर्फ पंजाब अपनी जरूरत को पूरा कर सकेगा बल्कि अन्य राज्यों को आपूर्ति की किटें बना लेगा।
स्वास्थ्य मंत्रियों ने कोविड-19 मामलों में तेजी से वृद्धि की हालत में प्रत्येक जिला मुख्यालय में जांच सुविधा स्थापित करने की सलाह दी। सिद्धू ने कहा कि हालांकि भारत सरकार से जीएमसी फरीदकोट, डीएमसी और सीएमसी लुधियाना में टेस्टिंग को मंजूरी मिलने से पंजाब इस हालात से निपटने की उम्मीद कर रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान मनीष तिवारी और शशि थरूर और सैम पित्रोदा भी शामिल हुए।