दूसरी ओर, अमृतसर जिले में वाघा और अटाली बार्डर चेक पोस्ट के रास्ते आने वाले कुल 7574 लोगों में से केवल एक व्यक्ति में कोरोना के लक्षण मिले हैं। वहीं, गुरदासपुर डेरा बाबा नानक चेक पोस्ट के रास्ते आने वाले 18188 लोगों में से फिलहाल किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं।
पंजाब सरकार की ओर से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रबंधन के लिए सभी जिलों को एडवाइजरी जारी की गई है। मरीजों को अलग रखने के लिए अमृतसर और एसएएस नगर में 500-500 बेड तैयार किए गए हैं 40 यात्रियों को अमृतसर में अलग रखा गया है। कोरोना से निपटने के लिए तैयार किए गए आइसोलेशन वार्डों में 1077 बेड और 28 वेंटिलेटर मौजूद हैं। इसके अलावा राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं।
पीएम को लिखा पत्र
कांग्रेस विधायक और पंजाब वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने कोरोना वायरस के खतरे से सफाई कर्मचारियों और मजदूर वर्ग की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में डॉ. वेरका ने इस वर्ग को छुट्टी देने की मांग करते हुए कहा है कि अगर सफाई कर्मियों से इमरजेंसी में काम करवाया जाए तो उन्हें पूरे सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं।
डॉ. वेरका ने अपने पत्र में लिखा है कि सफाई कर्मचारियों और मजदूर वर्ग ऐसा तबका है, जिसे कोरोना की महामारी से बचाने के लिए विशेष कदम उठाने की जरूरत है। पूरे देश में सफाई कर्मचारी अधिकतर ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे हैं। प्रशासन और ठेकेदारों द्वारा इन सफाई कर्मचारियों को कार्य के दौरान किसी भी तरह के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते, जबकि काम के समय मास्क, बूट, जैकेट, सेफ्टी बेल्ट, टोपी, दस्ताने आदि जरूरी हैं।
उन्होंने लिखा कि वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। गंदगी में काम करने की वजह से सफाई कर्मियों और मजदूरों के हालात बद से बदतर हैं और ये पहले ही कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। कोरोना जैसी महामारी इस वर्ग को ज्यादा प्रभावित कर सकती है, इसलिए यह वर्ग भी छुट्टी का अधिकार रखता है।
उन्होंने लिखा कि अगर इमरजेंसी में इन कर्मचारियों-मजदूरों से काम करवाया जाता है तो सरकार सुनिश्चित करें कि सफाई कर्मचारियों और मजदूर वर्ग को उनके कार्य के दौरान महामारी से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं।
कोरोना : पंजाब में डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान आज से
पंजाब में लोगों को घर-घर जाकर जागरूक करने के लिए गुरुवार से मुहिम शुरू की जा रही है। इसके साथ ही बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी धार्मिक संस्थाओं और डेरा मुखियों से अपील की है कि वे अपने समागमों में 50 से ज्यादा व्यक्तियों को जमा न होने दें। स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के साथ सिलसिलेवार समीक्षा बैठकें करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के एकमात्र केस की पुष्टि होने के बावजूद पंजाब अब तक सुरक्षित है लेकिन विश्व स्तर पर फैल रही इस महामारी को देखते हुए कोई भी ढील नहीं बरती जा सकती।