हरियाणा में कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से साबित होता है कि बचाव का सबसे असरदार तरीका सोशल डिस्टेंसिंग है। संक्रमण में सबसे अधिक प्रतिशत तब्लीगी जमात से ताल्लुक रखने वालों का है। आंकड़ों के मुताबिक 127.46 प्रतिशत जमाती संक्रमित पाए गए हैं। जबकि इटली से आए नागरिकों में यह प्रतिशत 14.05 प्रतिशत रहा है।
18.07 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मचारी भी संक्रमण के दायरे में आए हैं। हालांकि महिलाओं में संक्रमण कम हुआ है। आंकड़ों पर नजर डाले तो 22 प्रतिशत महिलाएं ही संक्रमण की चपेट में आई हैं। जबकि 78 प्रतिशत पुरुषों में संक्रमण मिला है। आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक 48.18 प्रतिशत संक्रमण कोरोना पॉजिटिव केसों के संपर्क में आने से हुआ है।
जबकि तब्लीगी के संपर्क में आए 20.07 प्रतिशत लोगों में संक्रमण हुआ है। इसके अलावा डामेस्टिक ट्रेवलर में 6.02 प्रतिशत और इंटरनेशनल ट्रेवलर में यह संक्रमण 14.05 प्रतिशत पाया गया है। इसके अलावा दुकानदारों और विक्रेताओं आदि में संक्रमण की दर 28.10 प्रतिशत पाई गई है।
हरियाणा में कोरोना के दंश से युवा भी पीछे नहीं रह गए हैं। हालांकि युवाओं की वजह से प्रदेश का रिकवरी रेट भी बेहतर हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 25 से लेकर 34 वर्ष आयु वालों में सबसे ज्यादा 74 पॉजिटिव मरीज आए हैं। जबकि 15 से 24 साल तक के संक्रमित होने वालों की संख्या 53 बताई गई है।
35 वर्ष से 44 साल तक के लोगों के संक्रमण में आने की संख्या 40 है। 45 से लेकर 54 वर्ष तक के लोगों में 39 मामले राज्य के अंदर विभिन्न जिलों में आए हैं। 55 से लेकर 64 साल तक के 31 मामले हुए हैं। इसके बाद में 65 साल से लेकर 74 तक 22 मामले सामने आए हैं। 75 से 84 तक चार मामले सामने आए हैं। वहीं शून्य से पांच साल तक दो मामले सामने आए हैं। जबकि पांच साल से ऊपर 14 साल तक सात मामले पॉजिटिव आए हैं।