उस दौरान मेरा बेटा, ड्राइवर, कुक और खड़क मंगोली निवासी मालिश करने वाली महिला भी पॉजिटिव पाए गए लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। डॉक्टरों के बताए अनुसार दवाएं लीं, अपने आप को पूरी तरह से आइसोलेट किया और कोरोना को हराकर फिर से अपने घर वापस जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घर के अन्य सभी सदस्य भी पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं, जल्द ही उन्हें भी डॉक्टर डिस्चार्ज करने की बात कह रहे हैं।
बेटी के साथ सुबह गीता पाठ तो शाम को करते थे भजन संध्या
कोरोना से लड़कर स्वस्थ हो चुकी महिला ने बताया कि जीएमसीएच-32 में मुझे और मेरी बेटी को एक ही कमरे में रखा गया था। पूरे दिन एक कमरे में बस दो ही लोगों को रहना है। ऐसे में हमने अपना शेड्यूल बना लिया। 17 दिनों तक सुबह गीता का पाठ तो शाम को भजन संध्या करते थे। शेष बचे समय में अपने परिवार के साथ बिताए अच्छे पलों को याद कर हम मां बेटी खुश होते थे।
घर के नुस्खे सबसे बेहतर
महिला ने बताया कि यह मौसम ही ऐसा है कि सभी को सर्दी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण होना आम बात है। इसलिए तुलसी, अदरक, अश्वगंधा या घर के नुस्खों का प्रयोग करते रहें। बाहर न निकलें और समय-समय पर हाथ धोते रहें। हमारी सतर्कता कोरोना को हरा देगी, ये मेरा दावा है।