शहर के लिए सोमवार का दिन भी राहत भरा रहा। लगातार चौथे दिन भी कोरोना का कोई पॉजिटिव केस नहीं मिलने से प्रशासनिक अफसरों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। उधर, इन चार दिनों में पांच पॉजिटिव मरीजों के ठीक होकर घर लौटने से उम्मीद की किरण नजर आ रही है। यह डॉक्टरों की मेहनत का ही परिणाम है कि लगातार मरीज ठीक हो रहे हैं।
उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कुछ और पॉजिटिव मरीज ठीक होकर घर लौट जाएंगे। उधर, चंडीगढ़ से सटे मोहाली जिले में तेजी से पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं, जो चिंताजनक है। ऐसे में चंडीगढ़ में भी एहतियात बरती जा रही है। वहीं, लॉकडाउन के दौरान शहरवासियों का मिल रहा सहयोग भी मरीजों की संख्या पर काबू पाने में सहायक साबित हो रहा है।
बता दें कि चंडीगढ़ में कोरोना का पहला केस 18 मार्च को सामने आया था। सेक्टर-21 निवासी एक युवती के यूके से यहां आने के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके बाद युवती के संपर्क में आने से मां, भाई, दोस्त, कुक, ड्राइवर के अलावा मसाज करने वाली खड़क मंगोली (पंचकूला) की महिला भी संक्रमित पाई गई थी।
इसके अलावा 30 मार्च को कनाडा से लौटा दंपती पॉजिटिव मिला। इसके बाद दंपती की 10 वर्षीय व दस माह की दोनों बेटियों के अलावा मां और सास भी कोरोना पॉजिटिव मिले। हालात यह हो गए कि चंडीगढ़ में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ते हुए बीते वीरवार को 18 के आंकड़े पर पहुंच गई।
इनको अस्पताल से मिली छुट्टी
दो अप्रैल को यूके से लौटी कोेराने पॉजिटिव एक महिला डॉक्टर ठीक होकर घर लौटी थी। उसके बाद चार अप्रैल (शनिवार) को सेक्टर-21 निवासी पहली कोरोना पॉजिटिव मरीज युवती की 48 वर्षीय मां के अलावा दुबई से लौटे कोरोना पॉजिटिव युवक को जीएमसीएच-32 से छुट्टी मिली थी।
वहीं, जीएमएसएच-18 में भर्ती मोहाली के सेक्टर-69 निवासी कोरोना पीड़ित एक युवक को भी स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई थी। वहीं, पांच अप्रैल (रविवार) को सेक्टर-21 निवासी पहली कोरोना पॉजिटिव युवती के दोस्त और भाई को भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस तरह चंडीगढ़ में अब तक पांच लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।