23 वर्षीय युवती के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से सेक्टर-21 समेत शहरवासियों में दहशत का माहौल है। युवती के ट्रेसिंग कांटेक्ट के अनुसार रविवार से बुधवार तक वह 119 लोगों के संपर्क में आ चुकी थी। वह लोग कितने और लोगों के संपर्क में आए हैं, इसकी अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है। अब प्रशासन सभी की ट्रेवल हिस्ट्री निकालने में जुटा है।
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, युवती तीन दिन तक शहर के कई लोगों के संपर्क में रही। माता-पिता, भाई, घर में काम कर रहे नौकर, ड्राइवर, माली आदि को ‘फर्स्ट बाउंड्री लिस्ट’ में रखा गया है। युवती के सीधे संपर्क में 12 लोग आए हैं, जबकि 70 लोग युवती के भाई और पिता के संपर्क में आए हैं और 19 लोग युवती के सीधे संपर्क में आए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, युवती के कजन को बच्चा हुआ है, वह उसे भी देखने जा रही थी लेकिन कजन ने पहले चेकअप कराने के लिए कहा। पहले चेकअप में कोरोना के संक्रमण की जानकारी सामने नहीं आई। इसके बाद फिर युवती ने टेस्ट कराया तो कोरोना पॉजिटिव आया।
युवती ने 99 फीसदी रिकवर किया: स्वास्थ्य सचिव
स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा की कोरोना से पीड़ित चंडीगढ़ की 23 वर्षीय युवती की स्थिति फिलहाल बेहतर है। वह 99 फीसदी रिकवर कर चुकी है। गुरुवार को युवती ने कहा कि वह ठीक है और घर जाना चाहती है लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर अभी उसे की जीएमसीएच-32 में ही रखा गया है।
जो भी युवती के संपर्क में आया, वह अपनी जांच कराए: एडवाइजर
जानकारी के अनुसार, घर में काम करने वाले नौकर पंचकूला के गांव खड़क मंगोली के रहने वाले हैं जबकि ड्राइवर जीरकपुर का रहने वाला है। नौकर, माली और ड्राइवर कहां-कहां गए, कितने लोगों के संपर्क में आए हैं, यह भी अभी पता करना बाकी है। इसलिए एडवाइजर मनोज परिदा ने गुरुवार को शहरवासियों से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति जो इन तीन दिनों में इस युवती के संपर्क में आया है, वह अपनी जांच जरूर कराए।
परिवार को घर में रोकने के लिए छह कर्मचारियों की लगी ड्यूटी
गुरुवार को युवती के पूरे घर और गाड़ी को सैनेटाइज किया गया। प्रशासन की लापरवाही रही कि गुरुवार दोपहर तीन बजे पिता, भाई और दो नौकरों को स्क्रीनिंग के लिए लेकर जाया गया लेकिन शाम को उन्हें घर भेज दिया गया। युवती का परिवार 14 दिन तक घर से बाहर न जाए इसके लिए घर के बाहर चार पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य विभाग के दो कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर दी है। पूरे इलाके में खौफ इस कदर फैल गया है कि गुरुवार को लोग शाम को सैर करने के लिए भी नहीं निकले।